Udaipur : 114 दिन से शव का इंतजार कर रहे हितेंद्र के परिजनों की उम्मीद टूटी, रूस में ही होगा अंतिम संस्कार
उदयपुर, 8 नवंबर। राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरवाड़ा इलाके के गांव गोड़वा के हितेंद्र गरासिया के शव को वतन की मिट्टी नसीब नहीं होगी। 114 दिन बाद उसके परिजनों की उम्मीद टूट गई है, क्योंकि हितेंद्र के शव का रूस में ही अंतिम संस्कार होगा। रूसी सरकार ने उसका शव भारत भेजने से इनकार कर दिया है।

समाजसेवी चर्मेश शर्मा ने लगाई थी गुहार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बूंदी के समाजसेवी चर्मेश शर्मा ने विदेश मंत्रालय में इस संबंध में गुहार लगाई थी। तब विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा ने जानकारी दी है कि हितेंद्र गरासिया का शव भारत नहीं लाया जाएगा। शव का अंतिम संस्कार रूस में करने की तैयारी चल रही है।

मानव अधिकारों का उल्लंघन
समाजसेवी शर्मा ने कहा कि भारतीय नागरिक का शव वतन नहीं लाया जाना रूस की बर्बरता है। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों व मानव अधिकारों का उल्लंघन है। विदेश मंत्रालय की ओर से रूस में भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा ने अपने जवाब में लिखा कि इस संबंध में एक आपराधिक मामला शुरू नहीं करने का निर्णय लिया गया है। जांच के तहत फोरेंसिक मेडिकल जांच भी कराई गई, लेकिन अंतिम रिपोर्ट जांच विभाग को नहीं मिली है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, शव मृतक के रिश्तेदारों को सौंपा जा सकता है, लेकिन ना तो शव का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी जाएगी।

शव रूस में ही दफन करना होगा
उन्होंने कहा कि ना ही शव रूस से बाहर ले जाने की अनुमति मिलेगी। परिवार रूस आकर शव ले सकता है, लेकिन उन्हें शव रूस में ही दफन करना होगा। अगर परिवार रूस पहुंचकर शव लेने को तैयार नहीं है तो रूसी सरकार के अधिकारी शव दफना देंगे। बता दें कि खेरवाड़ा के गोड़वा गांव का निवासी हितेंद्र गरासिया रोजगार के लिए एजेंट के माध्यम से रूस गया था। वहां 114 दिन पहले उसकी मौत हो गई।












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