केरल: मानसिया श्याम कल्याण के बाद अब सौम्या सुकुमारन को कूडलमानिक्यम मंदिर में नृत्य करने से रोका गया
केरल के तिरुवंतपुरम की कलाकार सौम्या सुकुमारन ने दावा किया कि उन्हें धार्मिक आधार पर कूडलमानिक्यम मंदिर में एक नृत्य उत्सव में नृत्य करने से रोक दिया गया।
तिरुवनंतपुरम, 30 मार्च। केरल के तिरुवंतपुरम की कलाकार सौम्या सुकुमारन ने दावा किया कि उन्हें धार्मिक आधार पर कूडलमानिक्यम मंदिर में एक नृत्य उत्सव में नृत्य करने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों ने पूछा तो मैंने कहा कि मैं एक ईसाई हूं, तो अधिकारियों ने कहा कि गैर-हिंदू मंदिर में प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं।

सौम्या सुकुमारन ने कहा कि कला का कोई धर्म नहीं होता। यदि कलाकार किसी धर्म के होते तो हम सब भक्ति गीतों पर ही परफॉर्म करते। उन्होंने कहा कि मुझे अपने समुदाय से भी शिकायतें हैं। मुझे चर्च में धार्मिक सेवा करने से वंचित कर दिया गया था, क्योंकि मैंने हिंदू भक्ति गीत पर मंदिरों में प्रदर्शन किया था। सौम्या सुकुमारन ने कहा कि मैंने उन्हें बताया कि मेरे पिता एक हिंदू थे और उन्होंने शादी के बाद ईसाई धर्म अपनाया। इस पर अधिकारियों ने कहा कि यदि कार्यक्रम मंदिर के बाहर होता तो कोई समस्या नहीं थी, लेकिन मंदिर के अंदर आपको प्रवेश नहीं मिल सकता। मैं फिर पीछे हट गई।
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दो दिन के अंदर केरल में यह ऐसी दूसरी घटना है। मंगलवार को नृत्यांगना मानसिया श्याम कल्याण ने शिकायत की थी कि उन्हें कूडलमानिक्यम मंदिर में वार्षिक उत्सव में भरतनाट्यम करने के लिए प्रवेश इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि वह हिंदू नहीं हैं।
मंदिर अधिकारियों ने कार्यक्रम की जो लिस्ट जारी की थी उसके अनुसार 21 अप्रैल को वह नृत्य प्रस्तुति देने वाली थीं। मंदिर अधिकारियों ने उनका उपनाम देखकर शायद यह समझ लिया था, कि वह एक हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर मंदिर में प्रस्तुति देने की अनुमति दी जा रही है। आप कैसे कलाकार हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मंदिर के बोर्ड अध्यक्ष से जब इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मंदिर की मौजूदा परंपरा के हिसाब से मंदिर परिसर में केवल हिंदू ही प्रदर्शन कर सकते हैं।












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