अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी हुआ तो गुजरात में रह रही कश्मीरी छात्रा बोली- अब अपनी जमीन बेच सकूंगी

सूरत। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के निष्प्रभावी होते ही हालात बदलने लगे हैं। गुजरात में रह रही एक कश्मीरी लड़की ने खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि मैं अब अपनी जमीन अच्छे दामों पर बेच पाऊंगी। पहले बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद पाते थे, लेकिन अब कोई रोक नहीं है।'

कश्मीर की रहने वाली यह लड़की है- मृदुला शर्मा। वह गुजरात के युवक से शादी करने के बाद सूरत में ही बस गई थीं।

सूरत के लड़के से की शादी, तब से यहीं रहने लगीं

सूरत के लड़के से की शादी, तब से यहीं रहने लगीं

बता दें कि, कश्मीरी लड़कियों के दूसरे राज्यों में शादी करने पर अनुच्छेद-370 की वजह से उनसे जम्मू-कश्मीर की नागरिकता छिन जाती थी। बहरहाल, सूरत में रह रही मृदुला ने कहा है कि दूसरे राज्य के लोग अब जम्मू-कश्मीर में जमीन भी खरीद सकेंगे। ऐसे में मैं वहां की अपनी जमीन बेचना चाहती हूं। अब जमीन के अच्छे दाम भी मिल पाएंगे।'

'370 के रहते नहीं बेच सकती थी अपनी जमीन'

'370 के रहते नहीं बेच सकती थी अपनी जमीन'

बकौल मृदुला, ''माता-पिता और भाई अभी भी कश्मीर में ही रहते हैं। अब तक ऐसा होता रहा है कि अनुच्छेद-370 के चलते कश्मीरी के अलावा बाहर के किसी भी व्यक्ति को जमीन नहीं बेची जा सकती थी। इसी कारण मेरी जमीन खाली पड़ी थी। यह संकट अब दूर हो गया है।'

राजस्थान से की पत्रकारिता की पढ़ाई

राजस्थान से की पत्रकारिता की पढ़ाई

मृदुला ने राजस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। उन्होंने बाद में सूरत के रहने वाले रौनक वर्मा के साथ शादी कर ली। तब से यहीं बस गईं। फ़िलहाल वह यहां फोटोग्राफी का काम कर रही हैं।

'पैरेंट्स से बात की है, वो तैयार हैं'

'पैरेंट्स से बात की है, वो तैयार हैं'

मृदुला का कहना है, 'सोशल मीडिया में वायरल हो रही जमीन खरीदने की बातों पर मैंने ध्यान दिया। जिसके बाद अपने माता-पिता से बात भी कर ली। जम्मू-कश्मीर में जमीन मरला में नापी जाती है। एक मरला यानी 270 स्क्वॉयर फीट होता है। जिसकी कीमत तकरीबन 4 से 5 लाख के करीब होती थी।'

'पंचेरी में है मेरी 100 मरला जमीन'

'पंचेरी में है मेरी 100 मरला जमीन'

''अब रेट बढ़ेंगे। मेरे पास कश्मीर के उधमपुर पंचेरी में 100 मरला यानी करोड़ों की जमीन है।पंचेरी एक हिल स्टेशन है। यहां दिसंबर और जनवरी महीने में खूब बर्फबारी होती है। बाकी के 10 महीने भी यहां पर खूबसूरत मौसम बना रहता है।''

'यहां आर्मी का बेस कैंप भी है'

'यहां आर्मी का बेस कैंप भी है'

''हमारी जमीन उपजाऊ है, जो जम्मू से 90 किलोमीटर दूर और उधमपुर से 40 किलोमीटर दूर है। इस इलाके की ख़ास बात यह है कि यहां आर्मी का बेस कैंप भी है। जो कि, सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण है।'

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