एक ही फंदे पर लटके मिले मां-बेटे, दोस्त ने गेट तुड़वाकर निकाले बाहर, कहा- 2 दिन से मरने की बात कर रहे थे

सूरत। गुजरात में सूरत शहर के पीपलोद इलाके में मां-बेटे अपने कमरे में पंखे से लटके मृत मिले। उनकी पहचान महर्ष पारेख (37 साल) और उनकी मां भारतीबेन पारेख (56 साल) के तौर पर हुई। महर्ष पारेख के फेनिल नाम के दोस्त ने बताया कि, महर्ष दो दिन से उससे मर जाने की बात कर रहा था, लेकिन नहीं पता था कि सच में ही आत्महत्या कर लेगा। फेनिल के मुताबिक, ''दोस्त और उसकी मां की आत्महत्या के बारे में तब पता चला जब मैंने कई बार कॉल किया, लेकिन उधर से किसी ने कॉल उठाया नहीं। इस पर मैं इनके घर देखने आया। दरवाजा बंद था। दरवाजा खटखटाया, तो भी कोई जवाब नहीं मिला।''

mother and son end their lives in own house

पड़ोसियों की मदद से फिर दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर महर्ष और उसकी मां दोनों एक ही फंदे से लटके हुए थे। उनकी जान जा चुकी थी और लाशें ही फंदे में फंसी हुई थीं। उन्होंने कमरे में पंखे से लटककर जान दी थी। पुलिस के समक्ष फेनिल ने बताया कि, महर्ष प्रॉपर्टी डीलर था, लेकिन लॉकडाउन में उसका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया था। जिसके चलते महर्ष की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई थी। उसके मकान और अन्य कोई लोन के चलते बैंक से लगातार फोन पर तगादे हो रहे थे।

फेनिल ने बताया कि, महर्ष मुझसे अपनी परेशानियों के बारे में बात करता था। पिछले दो दिनों से वो मुझे फोन पर कह रहा था कि अब तो मन करता है कि सुसाइड कर लूं। लेकिन मुझे यह अंदाजा नहीं था कि वो सच में ऐसा कर लेगा।' महर्ष के पिता नहीं हैं। पिता का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। अब महर्ष के परिवार में उसकी पत्नी हैं और 5 साल का बेटा भी है।

पता चला है कि, लगभग 15 दिन पहले महर्ष पत्नी और बेटे को मायके छोड़ आया था। जहां उसने कहा था कि, 'पैसों की दिक्कत दूर होते ही वापस घर ले जाउूंगा। मगर ऐसा हो न सका। महर्ष ने अपनी मां समेत जीवनलीला समाप्त कर ली।

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