सुल्तानपुर: दलितों ने ठोका हनुमान मंदिर पर दावा, कहा हम करेंगे पूजा
सुल्तानपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से हनुमान को दलित बताया, उसको लेकर अब पोस्टरवार शुरू हो गया है। सुल्तानपुर में दलितों ने रामायण काल में कालनेमि राक्षस के वधस्थल प्राचीनतम बिजेथुआ धाम मंदिर पर दावा ठोंक दिया है। दलितों ने मंदिर पर पोस्टर लगाकर ब्राहमणों के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दिया है। दलितों का कहना है कि हनुमान मंदिर हमारा है। यह दलित पुजारी अब पूजा-अर्चना करेंगे।

वायरल पोस्टर पर लिखा है प्रेमचंद्र प्रेम का नाम
जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी प्रेमचंद्र जिन्होंने अपना नाम पोस्टर में लिखवाया है और इस पोस्टर को वायरल कर दिया। इस पोस्टर में बिजेथुआ महावीरन धाम पर ब्राह्मणों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। वायरल पोस्ट में लिखा है कि, 'दलित हनुमान के मंदिर में ब्राह्मणों का प्रवेश वर्जित है। साथ ही 11 दिसंबर को मंदिर की तरफ कूच करने का आवाहन किया गया है ।
बिजेथुआ महावीरन का ये है इतिहास
भगवान राम के जीवन काल में राम रावण युद्ध के दौरान उनके भाई लक्ष्मण को मेघनाथ ने अमोघ शस्त्र से मार दिया था। जिस पर भगवान राम के भक्त हनुमान जी सुषेण वैद्य को लंका से ले आए थे। उन्होंने लक्ष्मण के जीवित होने के लिए संजीवनी बूटी को अनिवार्य आयुर्वेदिक उपचार बताया था। जिस पर हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने जा रहे थे। रास्ते में कालनेमि नामक राक्षस ने जो कि जाति से ब्राह्मण था। बिजेथुआ महावीरन धाम में हनुमान जी को रोक लिया। जहां पर हनुमान जी और कालनेमि का भीषण युद्ध हुआ। कालनेमि मारा गया। शापित मकरी को भी मार कर हनुमान जी ने उसका उद्धार किया। तब से बिजेथुआ महावीरन धाम हनुमान जी के विजय स्थल के रूप में जाना जाता है। हर मंगलवार और शनिवार यहां श्रद्धालुओं का तांता लगता है। अगस्त माह में पड़ने वाले बुढ़वा मंगल को विशेष पूजा अर्चन और महोत्सव का आयोजन किया जाता है।












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