सोमनाथ भारती की जमानत पर कोर्ट में हुई सुनवाई, रायबरेली केस में वारंट B जारी
सुलतानपुर। आप विधायक सोमनाथ भारती की जमानत पर संकट गहराता जा रहा है। बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट पर विधायक की जमानत को लेकर सुनवाई हुई। सरकारी वकील ने विधायक की गृह जनपद से लेकर अन्य जगहों की क्रिमिनल हिस्ट्री कलेक्ट करने के लिए समय मांगा। वहीं, रायबरेली में दर्ज केस को लेकर भी पुलिस ने रिमांड मांगी, जिस पर कोर्ट ने वारंट बी जारी किया है। अब पूरे मामले में कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगी।

बुधवार सुबह सुलतानपुर दीवानी कोर्ट में आप विधायक की जमानत को लेकर उनके अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह मदन और संतोष पांडेय पहुंचे। एमपी-एमएलए कोर्ट के जज पीके जयंत ने सुनवाई शुरू की, लेकिन अभियोजन के जरिए पूर्ण वांछित अभिलेख पेश नहीं किए जा सके। शासकीय अधिवक्ता दान बहादुर वर्मा ने कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग करते हुए अर्जी दी। ये तर्क रखा कि विधायक के गृह जनपद एवं अन्य स्थानों पर दर्ज मुकदमों का ब्यौरा जमा किया जा रहा। वहीं, सोमवार को रायबरेली में स्याही कांड के बाद विधायक और पुलिस में हुई नोंकझोंक व अन्य मामलों में दर्ज केस में पुलिस ने आप विधायक का रिमांड लेने की अर्जी दाखिल की। इस पर कोर्ट ने वारंट-बी जारी किया है। अब कोर्ट इस मामले में कल फिर सुनवाई करेगी।
बता दें, शनिवार को आप विधायक ने अमेठी में मीडिया को बयान दिया था, 'अस्पतालों में बच्चे तो पैदा हो रहे हैं लेकिन कुत्तों के बच्चे पैदा हो रहे हैं।' सोमनाथ भारती ने दूसरे दिन रायबरेली में अपने बयान पर अपना पक्ष रखा था कि वो प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में गए थे तो वहां कुत्ते के बच्चे उन्हें टहलते मिले थे। इसी मामले में रविवार की देर रात जगदीशपुर के हरपालपुर निवासी शोभनाथ साहू की तहरीर पर जगदीशपुर पुलिस ने विधायक पर धारा 505 /153 A के तहत एफआईआर दर्ज किया था। वहीं, रायबरेली पुलिस ने विधायक और उनके 15-20 समर्थकों के विरूद्ध कोतवाल अतुल सिंह की तहरीर पर सोमवार को एफआईआर दर्ज की थी।
पुलिस की तहरीर के अनुसार, अमेठी के जगदीशपुर पुलिस ने कहा था कि विधायक के खिलाफ धारा 505 के तहत मुकदमा दर्ज था, जिसमें धारा 153 A की बढ़ोतरी की गई है इसमें उनकी गिरफ्तारी करना है। जब विधायक को सर्किट हाउस में पुलिस रोकने पहुंची तो वो और उनके समर्थक पुलिस से अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करने लगे। विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी अपशब्द का प्रयोग किया, जिसको लेकर शहर कोतवाल अतुल सिंह ने आईपीसी की 147, 332, 353, 595 (2) 153 A, 504, 506 धारा में दर्ज करवाया था।












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