कश्मीरी पंडितों की घर वापसी पर बोले CRPF के डीजीपी, कश्मीर का माहौल एकदम अनुकूल, वे जब चाहें....
सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कहा कि घाटी में आने जाने के लिए माहौल एकदम अनुकूल है। कश्मीरी पंडित जब चाहें आ सकते हैं।
श्रीनगर, 17 मार्च। जम्मू और कश्मीर में आवासों की कमी के कारण केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के पास कश्मीरी पंडितों के खाली घरों, अस्पतालों, स्कूलों, होटलों और मंदिरों पर कब्जा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल या सीआरपीएफ को जम्मू-कश्मीर में करीब 737 परिसरों में तैनात किया गया है। सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कहा यदि कोई परिवार हमसे घर खाली करने को कहेगा तो हम घर खाली कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार निश्चित रूप से जवानों के लिए कोई और जगह मुहैया कराएगी।

आवासों की कमी के कारण सीआरपीएफ ने किया खाली मकानों पर कब्जा
सीआरपीएफ के एक डेटा के मुताबिक उसने एक स्कूल, एक अस्पताल, दो सिनेमा हॉल, आठ बागों, 26 औद्योगिक इकाइयों और कारखानों, 30 होटलों, 71 कृषि भूमि, 265 अन्य निजी भवनों और 333 सरकारी भवनों पर कब्जा कर लिया है, जिनमें कश्मीरी पंडितों के घर भी शामिल हैं। सीआरपीएफ ने कहा कि ये स्थान स्थानीय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं और सीआरपीएफ द्वारा इनका किराया दिया जा रहा है।
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बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं जवान
बता दें कि पिछले साल कश्मीर में बढ़ती हिंसा के कारण कुछ क्षेत्रों में भारी संख्या में सेना तैनात की गई थी। आवासों की कमी का मुद्दा रक्षा मंत्रालय के समक्ष भी उठाया गया है। इस मामले के जानकार एक व्यक्ति ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि सीआरपीएफ के पास वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है, इसलिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के सामने यह मुद्दा उठाया गया है।
कश्मीरी पंडितों के लिए घाटी का माहौल एकदम अनुकूल
उन्होंने कहा कि इसके बाद गृह मंत्रालय ने आवास मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। सीआरपीएफ के महानिदेशक ने कहा कि देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल ने कश्मीर घाटी में करीब 65,000 जवानों को तैनात किया है, सीआरपीएफ को सामान्य जीवन जीने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कश्मीर आने-जाने के लिए माहौल एकदम अनुकूल है। जहां तक कश्मीरी पंडितों का सवाल है तो इसका निर्णय उन्हें या एजेंसियों को लेना होगा।












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