209 करियर जीत, लड़कों को धूल चटाई, बेहद ही प्रेरणादायक है थाईलैंड की “दंगल गर्ल” की कहानी
ONE Championship Phetjeeja Lukjaoporongtom: महिलाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए अनगिनत चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और कुछ ऐसी ही जज्बे, जुनून और हौसले से भरी कहानी थाईलैंड की लाजवाब मॉय थाई फाइटर "द क्वीन" फेटजीजा की भी है।
ONE Championship की यह एटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन अब 6 दिसंबर को अपनी विरासत मॉय थाई खेल में वापसी कर रही हैं। 23 वर्षीय धुरंधर का सामना पोलैंड की दमदार स्ट्राइकर मार्टिना डॉमिन्कज़ैक से ONE Fight Night 38 में होगा।

लड़कियों के लिए जिम नहीं तो पिता ने बना डाला खुद का जिम
मॉय थाई वैसे तो थाईलैंड का राष्ट्रीय खेल हैं, मगर इसमें कई साल पहले तक अधिकतर पुरुषों का ही दबदबा रहता था। आज की कहानी पूरी तरह से बदल चुकी है। फेटजीता शुरुआत से ही मॉय थाई फाइटर बनना चाहती थीं, लेकिन उनके इलाके में लड़कियों की ट्रेनिंग के लिए कोई जिम नहीं था।
जब वह सात वर्ष की थीं तो पिता ने बेटी के सपनों को उड़ान देने के लिए जिम बना दिया ताकि वह जमकर तैयारी कर सकें और देश के राष्ट्रीय खेल में अपना नाम आगे लेकर जा सकें। वह अपने पिता की उम्मीदों पर खरी उतरीं और आज स्ट्राइकिंग जगत के सबसे बड़े नामों में से एक हैं।
लड़कों के साथ की ढेर सारी फाइट्स और जीते मैच
आज फेटजीजा के करियर में 209 जीत हैं, जो कि अपने आप में हर लिहाज से बहुत बड़ी संख्या है। दरअसल, उनके करियर की शुरुआत एक लड़के के साथ फाइट से हुई, मगर उन्हें पहले मैच में हार का मुंह देखना पड़ा।
अपने करियर की शुरुआती 100 फाइट्स में उन्होंने करीब 70 लड़कों को टक्कर दी और ढेरों जीत भी अपने नाम कीं। उन्होंने मात्र 14 वर्ष की आयु में WMC खिताब अपने नाम कर लिया था।
ONE Championship में डेब्यू के बाद से उन्होंने लगातार सात जीत अपने नाम की हैं और पिछले तीन मैचों में वह किकबॉक्सिंग की तीन दिग्गजों अनीसा मेक्सेन, जेनेट टॉड और काना मोरिमोटो को पराजित कर चुकी हैं।












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