नोवाक जोकोविच को ऑस्ट्रेलिया से बाहर निकाला, टूट गया 21वां ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना
नई दिल्लीः पुरुष टेनिस में विश्व नंबर 1 नोवाक जोकोविच के ऑस्ट्रेलियाई सरकार से पंगे का अंत काफी दिनों के ड्रामे के बाद हो गया। जोकोविच ने वैक्सीन और कोरोना के खिलाफ जो रुख अपनाया वह ऑस्ट्रेलिया को बर्दाश्त नहीं हुआ और जोकोविच की जी-जान से की गई कोशिश के बावजूद वह अब ऑस्ट्रेलिया से बाहर चले गए हैं क्योंकि एक अदालत ने उनके वीजा रद्द करने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा है।

फेडरल कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की पीठ के सर्वसम्मत फैसले ने सोमवार से शुरू होने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन में रिकॉर्ड 21वीं ग्रैंड स्लैम जीत का पीछा करने की जोकोविच की उम्मीदों को अंतिम झटका दिया।
फैसले के बाद यह सर्बियाई खिलाड़ी कुछ ही घंटों बाद मेलबर्न के एयरपोर्ट पर चला गया। फेडरल एजेंट उन्हें और उनकी टीम को बिजनेस लाउंज से गेट तक ले गए, जहां वह दुबई जाने वाली अमीरात की फ्लाइट में सवार हुए।
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दुनिया के शीर्ष पुरुष खिलाड़ी को पहले 6 जनवरी को अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया था, 10 जनवरी को एक अदालत द्वारा रिहा करने का आदेश दिया गया था और फिर शनिवार को फिर से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद रविवार को अदालती सुनवाई लंबित थी।
जोकोविच ने कहा कि फैसले के बाद वह बेहद निराश हैं क्योंकि इसका मतलब है कि वह टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकते।
उन्होंने एक बयान में कहा, "मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं और देश से मेरे जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करूंगा। और टूर्नामेंट के अच्छे होने की कामना करता हूं।
जोकोविच के बारे में ऑस्ट्रेलिया ने साफ कहा था कि भले ही यह इंसान किसी को कोरोनावायरस ना करे लेकिन यह जोकोविच सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हो सकते हैं क्योंकि उनकी उपस्थिति ऑस्ट्रेलिया टीकाकरण विरोधी भावना को प्रोत्साहित करेगी। बता दें कि जोकोविच कोविड के टीके के खिलाफ रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश जेम्स ऑलसॉप ने कहा कि तीनों न्यायाधीश अपने फैसले में एकमत थे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में फैसले के पीछे का पूरा तर्क जारी किया जाएगा।












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