Interview: महेश भूपति ने सुमित नागल के डेविस कप विवाद पर तोड़ी चुप्पी, खोले कई राज
Exclusive Inteview Mahesh Bhupathi: भारतीय टेनिस के दिग्गज महेश भूपति ने देश में टेनिस से जुड़े कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। वनइंडिया से बात करते हुए चोट के कारण डेविस कप से सुमित नागल की अनुपस्थिति से जुड़े विवाद से लेकर भारतीय टेनिस के भविष्य और चुनौतियों पर महेश भूपति ने अपनी बात रखी। बता दें कि महेश भूपति साल 1994 और 1995 में भारत के राष्ट्रीय चैंपियन थे। इसके साथ ही 1995 से 2011 तक भारतीय डेविस कप टीम के सदस्य भी रहे। साल 1997 में वह ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने।
नागल के डेविस कप विवाद पर तोड़ी चुप्पी
डेविस कप में सुमित नागल के भाग न लेने के बारे में हाल ही में उठे विवाद पर भूपति ने सुमित नागल को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। सुमित को लेकर भूपति ने कहा कि आप जानते हैं कि वह इस कप के लिए उपलब्ध नहीं है। देखिए मुझे नहीं पता कि विवाद कैसे पैदा हुआ, मुझे पता है कि सुमित वास्तव में उपलब्ध नहीं है। आप जानते हैं कि वह यूएस ओपन में चोट से जूझ रहा था।

महेश भूपति को इस बात से हुई हैरानी
अपनी बात को आगे जारी रखते हुए भूपति ने कहा कि जब मैं पिछले सप्ताह दुबई में था तो वह वहां दिन में दो बार रिहैबिलिटेशन कर रहा था। फिर उसने चीन जाने की कोशिश की, दुर्भाग्य से पीठ ने काम नहीं किया। और उसे पहले दौर में बाहर होना पड़ा, इसलिए मुझे यह भयावह लगता है कि किसी को नंबर एक खिलाड़ी पर यह आरोप लगाने की आवश्यकता महसूस हुई कि वह डेविस कप मिस करने के लिए पीठ की चोट का नाटक कर रहा था।
एथलीटों की ज़रूरतों और सम्मान के प्रति सजग होना जरूरी
डेविस कप से बाहर रहने के लिए कथित तौर पर पीठ की चोट का बहाना बनाने के नागल के खिलाफ आरोपों पर दुख व्यक्त करते हुए भूपति ने एथलीटों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया। भूपति ने आगामी AITA चुनावों और ऐसे प्रशासकों की आवश्यकता पर भी बात की जो एथलीटों की ज़रूरतों और सम्मान के प्रति सजग हों। उन्होंने इस ज़रूरत पर प्रकाश डालते हुए एक कॉलम लिखा, जो खेल प्रशासन में अधिक एथलीट-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए उनकी वकालत को दर्शाता है। भूपति ने कहा कि आप जानते हैं कि आपको ऐसे लोगों की ज़रूरत है जो एथलीटों के प्रति अधिक संवेदनशील हों और एथलीटों का सम्मान करें।
रोहन बोपन्ना को लेकर कही ये बात
भारत में टेनिस के विकास पर विचार करते हुए भूपति ने अपने खेल के दिनों से हुई प्रगति को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही उन चुनौतियों की ओर भी इशारा किया जो अभी भी बनी हुई हैं। लिएंडर पेस के साथ डबल्स खेलने से लेकर सिंगल्स खिलाड़ी सुमित नागल के उभरने तक भूपति ने भारतीय टेनिस में बड़े बदलाव देखे हैं। हालांकि, उन्होंने डबल्स खेल में शीर्ष पर भारतीय खिलाड़ियों की अनुपस्थिति पर भी ध्यान दिया, जिसमें रोहन बोपन्ना अपवाद हैं। भूपति ने कहा कि दुर्भाग्य से, डबल्स में रोहन के अलावा हमारे पास शीर्ष पर कोई नहीं है।












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