WFI चुनाव पर हाई कोर्ट का आदेश अभी भी लागू, सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से किया इनकार
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के चुनाव पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के साथ हस्तक्षेप करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और पंकज मिथल की पीठ ने याचिकाकर्ता, आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती संघ को अपने शिकायतों के साथ उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा।
शीर्ष अदालत आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती संघ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने 11 अगस्त को उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। हरियाणा कुश्ती संघ (HWA) द्वारा दायर एक याचिका के बाद पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 11 अगस्त को WFI चुनावों को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया था।

पीठ ने कहा, "हम इसे क्यों सुनें? आप उच्च न्यायालय में जाएं। इसके बजाय, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसलिए, हम इस विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हैं।"
यह आदेश तब आया जब आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती संघ ने दावा किया कि हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ को WFI के चुनावों में वोट देने का अधिकार नहीं है। हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि उसे WFI के चुनावों में वोट देने का अधिकार है।
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उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद WFI के चुनावों पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर तब तक हस्तक्षेप नहीं करेगा जब तक कि उच्च न्यायालय इस मामले पर अपना फैसला नहीं सुनाता।
इस फैसले से WFI चुनावों में देरी हो सकती है, जो पहले ही वर्ल्ड रेसलिंग बॉडी द्वारा इसी मामले के कारण सस्पेंड है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारतीय कुश्ती में अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर सकता है।
फिलहाल WFI को इतने विवादों-पचड़ों में घिरता देख निराश कुश्ती प्रेमियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान होगा और WFI चुनाव समय पर हो सकेंगे।












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