Paris Olympics: कौन हैं अविनाश साबले जो स्टीपलचेज में मेडल से एक कदम दूर? पहले ही रच चुके इतिहास
Who is Avinash Sable: पेरिस ओलंपिक में पुरुषों की 3000 स्टीपलचेज में भारत के अविनाश साबले ने इतिहास रच दिया। उन्होंने इस इवेंट में फाइनल तक का सफर तय कर लिया है। भारतीय एथलेटिक्स में उन्होंने एक नया काम कर दिया। उन्होंने 8:15:43 का समय लेते हुए फाइनल तक का सफर तय कर लिया।
अविनाश ने लम्बी दूरी के धावक के रूप में एक नई पहचान बनाई है। वह महाराष्ट्र के बीड जिले के मांडवा गाँव से आते हैं। उनका जन्म 13 सितम्बर 1994 को हुआ था। एक साधारण परिवार से आने वाले साबले के पास अब पूरा मौका है और वह एक मेडल देश के लिए लेकर आ सकते हैं।

टॉप 15 में रहते हुए उन्होंने पांचवां स्थान प्राप्त किया है और फाइनल तक का सफर तय कर लिया। बारहवीं क्लास पास करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना जॉइन कर ली और कई जगहों पर अपनी सेवाएं भी दी। सेना में रहते हुए ही साबले ने स्पोर्ट्स रनिंग के बारे में सीखा और आज देश के लिए मेडल लाने के करीब खड़े हो गए हैं।
अविनाश साबले तो इस इवेंट के फाइनल में जाने वाले पहले भारतीय बन गए लेकिन किरन पहल ऑटोमेटिक सेमीफाइनल बर्थ हासिल करने में नाकाम रहे। वह महिलाओं की 400 मीटर रेस में हिस्सा ले रही थीं और सातवें स्थान पर रहीं। एथलेटिक्स में सावले ही नीरज चोपड़ा के बाद एक धांसू एथलीट नजर आ रहे हैं।
साबले के साथ हुई हीट में मोहम्मद टिंडौफ्ट ने 8:10:62 मिनट का समय लेते हुए जीत दर्ज कर ली, जबकि इथियोपिया के सैमुअल फायरवु 8:11: 61 मिनट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। केन्या के अब्राहम किबिवोट (8:12:02 मिनट) ने भी तेजी दिखाई और तीसरा स्थान हासिल करने में सफल रहे, जबकि जापान के रयुजी मिउरा चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 8:12:41 मिनट का समय निकाला। इन चारों के बाद साबले का स्थान रहा।












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