चेसेबल मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंद
नई दिल्ली, 25 मई: भारतीय ग्रैंडमास्टर रामबाबू प्रज्ञानानंद (R Praggnandhaa) एक बार फिर से चर्चा का अहम केंद्र बन गए हैं। 16 वर्षीय प्रज्ञानानंद चेसेबल मास्टर्स के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में हाई रेडिंग वाले डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरि को टाई ब्रेकर में 3.5-2.5 से हराया। इससे पहले चार सेट का मुकाबला 2-2 की बराबरी पर रहा था।

प्रज्ञानानंद के लिए ये जीत बहुत यादगार है। दरअसल, इस जीत के तुरंत बाद वह अपनी ग्याहरवीं क्लास के एग्जाम देने गए थे। 16 वर्षीय चेस मास्टर का मैच भारतीय समयनुसार बुधवार रात 2 बजे खत्म हुआ था और अगली सुबह वह एग्जाम देने स्कूल गए थे।
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चेसेबल मास्टर्स के फाइनल में एंट्री करने के बाद प्रज्ञानानंद ने अपने बयान में कहा, 'मुझे लगभग 8:45 बजे स्कूल जाना है और अब 2 बजे हैं, इसलिए मुझे जाकर सोना होगा। मेरी पूरी कोशिश रहेगी की परीक्षा में मुझे नींद न आए। मेरी कॉमर्स की परीक्षा है, मुझे आशा है कि मैं पास हो जाऊंगा।'
सेमीफाइनल में अनीश गिरि के खिलाफ मिली जीत के साथ ही प्रज्ञानानंद ने चैंपियंस शतरंज टूर के सीजन फिनाले में भी अपनी जगह पक्की कर ली है, जो इस साल नवंबर में खेला जाएगा। बता दें कि, चेसेबल मास्टर्स के फाइनल में उनका सामना वर्ल्ड नंबर 2 चीन के डिंग लिरेन से होगा।
वर्ल्ड चैंपियन को भी हराया
इस प्रतियोगिता के 5वें दौर में प्रज्ञानानंद ने वर्ल्ड चैंपियन मैगनस कार्लसन को हराया था। यह दूसरा मौका था, जब प्रज्ञानानंद ने कार्लसन को मात दी हो। इस साल की शुरुआत में उन्होंने एयरथिंग्स मास्टर्स में कार्लसन को पहली बार हराकर रातोंरात सुर्खियां बटोरीं थी।
इस जीत के बाद जब प्रज्ञानानंद से पूछा गया था कि आप इस जीत का जश्न कैसे मानाएंगे, इस पर अपने जवाब में उन्होंने कहा था, "मुझे लगता है कि अब सिर्फ बिस्तर पर जाकर आराम फरमाना है।"












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