Paris Olympics: ओलंपिक में पहली बार भारत ने कब लिया था हिस्सा? कब हुआ था ओलंपिक खेलों का आगाज
Paris Olympics 2024, Latest News: पेरिस ओलंपिक के करीब आते ही भारतीय खिलाड़ियों ने भी इसको लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम करना शुरू कर दिया है। देश को उम्मीद है कि टोक्यो 2020 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर तिरंगे को गौरवान्वित करेंगे।
ओलंपिक में पहली बार भारत ने कब लिया था हिस्सा
ओलंपिक में भारत ने अपनी शुरुआत 1900 में शुरू की थी। भारत के लिए पहली बार नॉर्मन प्रिचर्ड ने 200 मीटर स्प्रिंट और 200 मीटर बाधा दौड़ दोनों में रजत पदक जीतने में सफलता हासिल की थी। इसने देश को प्रतिष्ठित वैश्विक खेल क्षेत्र में प्रवेश दिलाया। टोक्यो 2020 ओलंपिक में भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ पदक हासिल किया। टीम ने एक स्वर्ण सहित कुल सात पदक जीते जिससे भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए एक नया मानक स्थापित हुआ।

पेरिस ओलंपिक के लिए भारत तैयार
पेरिस 2024 के लिए भारतीय एथलीट कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनका लक्ष्य अपनी पिछली उपलब्धियों को पार करना और एक बार फिर देश को गौरवान्वित करना है। पेरिस ओलंपिक भारत के लिए अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का एक और बेहतरीन मौका है। जबरदस्त ट्रेनिंग और मजबूत दृढ़ संकल्प के साथ भारतीय एथलीट शानदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
देश का हीरो बनने का मौका
देश की उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं क्योंकि वह अपने एथलीटों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए देखना चाहता है। प्रशंसकों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है क्योंकि वे जीत और जश्न के पलों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। भारत की ओलंपिक सफर की विरासत एथलीटों की भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हर प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों का लक्ष्य न केवल व्यक्तिगत गौरव हासिल करना होता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में देश का नाम भी ऊपर उठाना होता है।
कब हुआ था ओलंपिक खेलों का आगाज
ओलंपिक खेलों का इतिहास लगभग 2,000 साल पुराना है। ओलंपिक शब्द लैटिन भाषा से 16वीं शताब्दी में लिया गया था। ओलंपिक खेलों का जन्मस्थान ओलंपिया, हेलिया में एक शहर है, उसे माना जाता है। 19वीं सदी में फिर से ओलंपिक की शुरुआत नए तरीके से की गई। बैरन पियरे डी कुबर्टिन ने ओपंपिक खेलों को पुनर्जीवित करने की योजना 1894 में बनाई और 1896 में सोरबोन विश्वविद्यालय के ग्रैंड एम्फीथिएटर में आयोजित कराया, जिसमें 2 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद से अब तक ओलंपिक खेलों का सिलसिला जारी है।












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