Manu Bhaker: 'मनु' क्यों पड़ा भाकर का नाम?मां ने सुनाया दिलचस्प किस्सा, बेटी की कमजोरी भी बताई
'मनु' क्यों पड़ा भाकर का नाम?मां ने सुनाया दिलचस्प किस्सा, बेटी की कमजोरी भी बताई
Manu Bhaker Ka naam Manu kyo hai: 28 जुलाई का दिन भारत के इतिहास में सुनहरे अंकों में लिखा जाएगा क्योंकि पेरिस ओलंपिक में भारतीय शूटर मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर सफलता की नई इबादत लिखी है, आज पूरा देश अपनी इस बेटी की सफलता पर इतरा रहा है।
आपको बता दें कि ओलंपिक में विमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में मेडल जीतने वाली मनु भाकर देश की पहली महिला हैं।

22 साल की मनु भाकर को खुद पीएम मोदी ने बधाई दी है। आज की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल दोनों कोरिया ने ही जीता था। गौरतलब है कि हरियाणा के झज्जर के छोटे से गांव गोरिया की रहने वाली मनु की शुरू से ही खेल में रूचि रही है।
लेकिन आपको जानकर हैरत होगी कि वो शूटिंग से पहले वो स्केटिंग, कबड्डी और बॉक्सिंग का भी हिस्सा रही हैं। खास बात ये है कि वो बॉक्सिंग में भी पदक जीत चुकी हैंलेकिन 16-17 साल तक आते-आते उनका रूझान निशानेबाजी पर आ गया और वो फिर उसी में रम गईं। उन्होंने अब तक जो भी किया है उसमें उनके मम्मी-पापा का काफी अहम रोल रहा है।
टोक्यो ओलंपिक के बाद मनु थोड़ा निराश थीं लेकिन...
उन्होंने उन्हें हर जगह सपोर्ट किया। टोक्यो ओलंपिक में जब मनु भाकर अपनी पिस्टन खराब होने की वजह से टूर्नामेंट से आउट हो गई थीं तो उस मुश्किल वक्त में भी उन्होंने मनु भाकर को निराश नहीं होने दिया था।
'मनु का हमारी लाइफ में आना एक वरदान की तरह है'
उसी साल ईटीवी चैनल को उनकी मां ने एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी के नाम मनु रखने का राज खोला था। उन्होंने कहा था कि 'मनु का हमारी लाइफ में आना एक वरदान की तरह है लेकिन जिस दिन इसका जन्म हुआ था , उसी दिन मेरा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट था, अब बेटी को जन्म देने के कुछ ही घंटे के बाद मैं टेस्ट देने चली गई थी और मेरी गुड़िया जन्म के करीब तीन-चार घंटे मेरे बिना ही रही।'
'इतना सुनते ही मेरे मुंह से इसके लिए मनु नाम निकला...' (Manu Bhaker won Bronze medal)
'जब मैं वापस लौटी तो पता चला कि ये सो रही थी, ना तो ये रोई, सबने कहा कि ये तो बहुत बहादुर बच्ची है और इतना सुनते ही मेरे मुंह से इसके लिए मनु नाम निकल गया, जो कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बचपन का नाम है। मुझे उस पर गर्व है।'
प्रियंका चोपड़ा मनु भाकर की फेवरेट अभिनेत्री हैं
आपको बता दें कि मनु भाकर को खाने में आलू का पराठा बहुत पसंद है, दूसरे शब्दों में कहें तो वो इनकी कमजोरी है। वो भी खाली वक्त में फिल्में देखती हैं। प्रियंका चोपड़ा उनकी फेवरेट अभिनेत्री हैं।
एक नजर मनु भाकर के अब तक के रिकॉर्ड पर
- पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक ( 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा)
- 2023 में स्वर्ण पदक (25 मीटर पिस्टल स्पर्धा)
- 2022 काहिरा में रजत पदक (25 मीटर पिस्टल स्पर्धा)
- 2019 दोहा में स्वर्ण पदक (10 मीटर पिस्टल स्पर्धा)
- 2019 मिश्रित टीम में स्वर्ण पदक (10 मीटर पिस्टल स्पर्धा)
- 2018 गोल्डकोस्ट गेम्स में स्वर्ण पदक ( 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा)
- 2018 ब्यूनस आयर्स गेम्स में स्वर्ण पदक ( 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा)












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