बजरंग पूनिया ने लगाया बड़ा आरोप, कहा बिना पूछे WFI जांच की निगरानी समिति बना दी गई
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया पर लगे आरोपों की जांच के लिए बनी निगरानी समिति को लेकर अब सवाल खड़े हुए हैं।

Bajrang Punia reacted on oversight Committee: रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया में अनियमितता और यौन उत्पीड़न के आरोपों के साथ कुछ पहलवानों ने जन्तर-मन्तर पद धरना दिया था। इसके बाद खेल मंत्रालय ने उनके साथ मीटिंग की और जांच का आश्वासन देने के बाद धरना समाप्त हुआ था। अब पहलवान बजरंग पूनिया ने एक बार फिर से मामले पर अपना बयान देते हुए कहा है कि जांच के लिए बनी निगरानी समिति का गठन हमने बिना पूछे कर दिया गया है और यह दुःख की बात है।
बजरंग पूनिया ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा "हमें आश्वासन दिया गया था कि Oversight Committee के गठन से पहले हमसे परामर्श किया जाएगा। बड़े दुख की बात है कि इस कमेटी के गठन से पहले हमसे राय भी नहीं ली गई।" इसी तरह का ट्वीट महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भी किया और सरकार पर आरोप लगाया।
उल्लेखनीय है कि WFI के अध्यक्ष और कोचों के खिलाफ लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए निगरानी समिति का गठन किया गया है। बॉक्सर एमसी मैरी कॉम को इसका हेड बनाया गया है। इसके अलावा इस समिति में पहलवान योगेश्वर दत्त, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे, पूर्व TOPS सीईओ राजगोपालन और स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की कार्यकारी निदेशक राधिका श्रीमान शामिल हैं।
प्रदर्शन करने वालों में बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और कुछ अन्य रेसलर शामिल थे। तीन दिनों के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया था। इन सबने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ मीटिंग भी की थी। इसके बाद मंत्रालय ने जांच का निर्णय लिया। उधर फेडरेशन की तरफ से सभी आरोपों को एक सुनियोजित अजेंडा बताया गया।
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एएनआई के अनुसार खेल मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि निगरानी समिति के पांच में से 3 नामों का सुझाव प्रोटेस्ट कर रहे रेसलर्स ने दिया था। अब ये राय नहीं लेने के आरोप लगा रहे हैं।












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