Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में फ़्रांस ने माँगी खूंखार भारतीय डॉग यूनिट, जानें क्या है इन डॉग्स की खासियत
पेरिस ओलंपिक खेलों में सुरक्षा को फ़्रांस की सरकार ने टॉप पर रखा है। इसी क्रम में फ़्रांस की सरकार ने भारत से के9 डॉग्स की यूनिट तैनात करने का आग्रह किया है। सीआरपीएफ की यह डॉग्स यूनिट सुरक्षा की दृष्टि से काफी अहम मानी जाती है। यह डॉग्स यूनिट अपराधों को भी रोकने में सक्षम है।
हथियारों को खोजना, ड्रग्स, विस्फोटक, हमला आदि गतिविधियों को रोकने की क्षमता इस डॉग्स यूनिट में होती है। ट्रेनिंग में ही इन सब चीजों के बारे में डॉग्स को सिखाया जाता है। ट्रेनिंग अलग-अलग चरणों में होती है और बिलकुल भी आसान नहीं होती है। इसी वजह से इनको सुरक्षा के लिए खास माना जाता है।

K9 डॉग्स को अलग-अलग सुरक्षा इकाइयों के साथ रखा जाता है। इनमें सीआरपीएफ, सीएपीएफ, बीएएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और इसके अलावा राज्य पुलिस बलों में भी इनकी तैनाती की जाती है। किसी भी तरह का विस्फोटक खोजने में इन डॉग्स को महारथ हासिल है।
यह पहल भारत और फ्रांस के बीच सुरक्षा सहयोग को उजागर करती है। इन K9 इकाइयों की तैनाती ओलंपिक में एथलीटों, अधिकारियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। सीआरपीएफ की के9 यूनिट्स ने पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की है। पेरिस ओलंपिक में उनकी भागीदारी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी विशेषज्ञता को प्रदर्शित करने वाली एक और उपलब्धि होगी।
ओलंपिक में इन K9 इकाइयों की मौजूदगी संभावित खतरों के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी सूंघने की क्षमता उन्हें विस्फोटकों की पहचान करने में सक्षम बनाती है जो मानव सुरक्षा कर्मियों की नज़र में नहीं आ सकते हैं।












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