बेतहाशा गरीबी, लाचार मां और एक जुनूनी फाइटर, कैसे अकेले दम पर बदल डाली अपनी जिंदगी
Shadow Singha: गरीबी किसी भी इंसान को तोड़ सकती है तो बहुतों के लिए यह किसी वरदान की तरह भी साबित होती है। हम एक ऐसे ही मॉय थाई फाइटर शैडो सिंघा माविन की बात करेंगे, जिन्हें अपने परिवार के साथ दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। मगर आज वह नामी-गिरामी फाइटर हैं और अच्छे पैसे कमाकर अपने परिवार की देखभाल कर रहे हैं।
थाईलैंड के 25 वर्षीय फाइटर अब 6 दिसंबर को होने वाले ONE Fight Night 38 इवेंट में अल्जीरिया के मोहम्मद यूनेस रबाह का सामना करेंगे। इनका जुलाई में हुआ मैच बेनतीजा रहा था और अब उनका प्रयास मॉय थाई में लगातार सातवीं जीत पर होगा।

बहुत बुरे दौर और लाचारी में बीता बचपन
थाई स्ट्राइकर के पास आज भले ही जीवन-यापन की हर चीज हो, लेकिन हालात हमेशा से ऐसे नहीं थे। पिता का साया न होने के चलते उनकी परवरिश मां और आंटी ने की। घर की स्थिति को बद से बदतर होने में देर नहीं लगती थी।
गरीबी का आलम कुछ ऐसा था कि उनके पास हाथ-पैर में लगाने वाली क्रीम तक के पैसे नहीं होते थे। लेकिन मां ने पेट पालने के लिए हर जतन किया। शैडो ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, "मेरी मां पैसे कमाने के लिए हर संभव काम करती थीं, चाहे जंगल में चीजें इकट्ठा करना हो या किसी निर्माण स्थल पर दिहाड़ी वाला काम करना।"
चुनौतियों के बावजूद मॉय थाई मार्शल आर्ट जीवन को पटरी पर लाया
12 वर्षीय की आयु में मॉय थाई शुरु करने वाले बच्चे को भनक तक नहीं थी कि यह उनकी और परिवार की दशा व दिशा बदल देगा। फिर खुद को खेल में बेहतर बनाने और अच्छे मौकों के लिए राजधानी बैंकॉक में आकर प्रदर्शन शुरु किया।
अक्सर लोग प्रोत्साहन देने की बजाय नीचा दिखाते हैं और उनके साथ अच्छे प्रदर्शन के बावजूद लोगों का यही रवैया बरकरार रखा। उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा कम आंका जाता था। लोग कहते थे, 'ऐसा बेवकूफ़ फाइटर कभी अच्छा नहीं हो सकता।'"
सालों की जद्दोजहद के बाद ONE Championship में आकर उनकी जिंदगी बदल गई, लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्हें कंपनी से 1 लाख यूएस डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ और अब वो चैंपियन बनने की दिशा में बढ़ने के लिए मेहनत में जुटे हैं।












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