गरीब ट्रक ड्राइवर का भेड़-बकरी चराने वाला बेटा वर्ल्ड चैंपियन बनने से सिर्फ एक कदम दूर
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) को दुनिया के सबसे कठिन और जटिल खेल की संज्ञा दी जाती है क्योंकि ये बॉक्सिंग, रेसलिंग, ग्रैपलिंग और अन्य मार्शल आर्ट्स विधाओं का मिश्रण होता है। इस खेल में चैंपियन बनना बहुत ही मुश्किल काम होता है, लेकिन अगर कोई बेहद गरीब परिवार से आए तो ट्रेनिंग और अच्छे खान-पान की जरूरत हालात और मुश्किल कर देती है।
मगर मंगोलिया के 36 वर्षीय फाइटर एंख-ओर्गिल बाटरखू ने अपने रास्ते में आई हर चुनौती से दो-दो हाथ किए और अब वह ONE वर्ल्ड चैंपियन बनने की दहलीज़ पर खड़े हैं। वह 6 दिसंबर को होने वाले ONE Fight Night 38 में मौजूदा चैंपियन फैब्रिसियो एंड्राडे को उनके बेंटमवेट MMA खिताब के लिए चुनौती देंगे।

बेहद साधारण परिवार में हुई परवरिश
मंगोलिया जैसे देश में रहना काफी कठिन काम होता है क्योंकि अधिकतर इलाका बर्फ और हड्डी गला देने वाली बर्फीली हवाओं की चपेट में होता है।
उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर और मां अस्पताल में नर्स थीं और दोनों काफी कम पैसे कमाते थे। उन्होंने बड़े भाई और छोटी बहन के साथ हुई अपनी परवरिश के बारे में बताया, "मैं भेड़-बकरी चराता, पानी लाता और गाय के गोबर के ऊपले इकट्ठा करता था। पिता काम की वजह से अक्सर घर पर नहीं होते थे।"
मां बनीं करियर में आगे बढ़ते बेटे की ढाल
मंगोलियाई योद्धा ने टीवी पर जैकी चैन और आर्नोल्ड को देखकर उनके जैसा बनने के बारे में सोचा। उन्होंने पांचवीं कक्षा में रेसलिंग शुरु की, लेकिन फिर टायक्वोंडो का रुख किया क्योंकि उन्हें किक और मुक्के लगाना पसंद था।
एक बार टायक्वोडो टूर्नामेंट के लिए उन्हें अपने देश की राजधानी उलानबटोर जाना पड़ा। पैसों की तंगी के चलते मां ने काम से पैसे उधार लेकर बेटे को भेजा। उन्होंने भावुक होकर याद करते हुए कहा, "मेरी मां मेरी सबसे बड़ी समर्थक हैं। हम जैसे गरीब परिवार के लिए ऊधार कई बलिदान करने जैसा होता है। लेकिन मेरी मां को लगा कि अपने बेटे के सपने का समर्थन करना ज़्यादा ज़रूरी है।"
अब उनकी मां के त्याग और बेटे की मेहनत रंग ला रही है। बाटरखू पिछली सात ONE Championship फाइट में से छह जीतकर अब चैंपियन बनने उतरेंगे।












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