पैरालिंपिक में अवनि लेखरा से मेडल की उम्मीद! गोल्डन गर्ल ने मनु भाकर को लेकर कही दिल की बात
मनु भाकर की पेरिस ओलंपिक 2024 में दो ब्रॉन्ज मेडल जीतने की उल्लेखनीय उपलब्धि के बाद, अब सभी का ध्यान अवनि लेखरा (Avani Lekhara) पर है, जिन्होंने तीन साल पहले टोक्यो पैरालिंपिक में इतिहास रच दिया था। मनु और अवनि दोनों ने ही जापानी राजधानी में अपना ओलंपिक डेब्यू किया था।
अवनी ने टोक्यो खेलों में SH1 कैटेगरी में 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड और 50 मीटर राइफल थ्री-पोजिशन इवेंट में ब्रॉन्ज पदक जीता। यह कैटेगरी निचले अंगों की विकलांगता वाले निशानेबाजों के लिए है जो बिना किसी कठिनाई के अपनी बंदूक पकड़ सकते हैं और खड़े या बैठे हुए शूटिंग कर सकते हैं।

अवनि ने की मनु भाकर की प्रशंसा
अवनि ने मनु भाकर की प्रशंसा की, जिन्होंने पेरिस में भारत की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया। SAI मीडिया के साथ खास बातचीत में अवनि ने कहा कि, 'सबसे पहले मुझे गर्व है कि हम दोनों निशानेबाज हैं। जब मैंने टोक्यो में दो पदक जीते, तो यह भारत में खेलों में महिलाओं के लिए एक नई जागृति थी। एक बाधा टूट गई। मनु ने भी ऐसा ही किया और आगे बढ़ते हुए, मैं चाहती हूं कि ऐसी और भी बाधाएं टूटें।'
जयपुर की यह शूटर पेरिस में 28 अगस्त से 8 सितंबर तक होने वाले आगामी पैरालिंपिक के लिए कमर कस रही है। अपने कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के बावजूद, अवनि जज बनने के अपने सपने को पूरा करने में लगी हुई है। उसने हाल ही में अपनी स्नातक (BA LLB) पूरी की है और प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने से पहले मास्टर्स करने की योजना बना रही है।
अवनि ने केंद्रीय खेल मंत्रालय की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) को इसके अटूट समर्थन का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि, 'TOPS हमेशा प्रशिक्षण और उपकरणों की खरीद, कोचिंग और प्रदर्शन के मामले में बहुत सहायक रहा है। वे हमेशा एक कॉल पर उपलब्ध रहते हैं।'
भारत पेरिस पैरालंपिक में 84 एथलीटों का अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेजेगा। ये एथलीट तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कैनोइंग, साइकिलिंग, ब्लाइंड जूडो, पावरलिफ्टिंग, रोइंग, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस और ताइक्वांडो सहित 12 खेलों में भाग लेंगे।
टोक्यो से अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए अवनी ने बताया कि कैसे इसने उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से आगे बढ़ने में मदद की है। उन्होंने कहा कि, 'यह पैसे या प्रसिद्धि के बारे में नहीं है; टोक्यो के बाद के दौर में सबसे बड़ी बात यह रही कि मेरा आत्मविश्वास कैसे बढ़ा है। विकलांगता के कारण एक शर्मीली अंतर्मुखी लड़की से लेकर आज मैं जो कुछ भी हूं, उसमें निश्चित रूप से बहुत बदलाव आया है।'
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अवनी का ध्यान आगामी पैरालंपिक में अपनी तीन शूटिंग स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करने पर है, साथ ही वह पैरा खेलों के लिए अधिक जागरूकता और दृश्यता की वकालत भी करती हैं। उन्होंने कहा कि, 'अब स्थिति काफी बेहतर है, लेकिन हमें अभी भी अधिक जागरूकता और दृश्यता की आवश्यकता है।'












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