प्रो कबड्डी में क्या होता है सुपर रेड और कैसे मिलते हैं बोनस प्वाइंट? जानें ये जरूरी नियम
प्रो कबड्डी लीग का अगला सीजन दिन-ब-दिन नजदीक आता जा रहा है। फैंस एक बार फिर इस टूर्नामेंट को लेकर उत्साहित हैं। पीकेएल-11 अक्टूबर 2024 में शुरू होने की संभावना है। पिछले तीन सीज़न (पीकेएल 8, 9, 10) दिसंबर-फरवरी विंडो के बीच खेले गए थे। आज हम इस खेल से जुड़े सुपर रेड और बोनस प्वाइंट के नियमों को समझेंगे।
प्रो कबड्डी में क्या होता है सुपर रेड?
दरअसल, कबड्डी में एक रेड प्रयास जिसमें रेडर तीन या उससे अधिक अंक प्राप्त करता है, उसे 'सुपर रेड' कहा जाता है। कबड्डी में सुपर रेड करना सबसे कठिन कौशलों में से एक है क्योंकि इसके लिए रेडर से तेज एक्टिव होने और प्रेजेंस ऑफ माइंड की आवश्यकता होती है। प्रो कबड्डी के आगमन के बाद से केवल कुछ ही रेडर लगातार सुपर रेड स्कोर करने में सफल रहे हैं।

रेड के दौरान टच किए गए विपक्षी खिलाड़ी मैट से बाहर हो जाते हैं। रेड करने गए रेडर को उतने टच प्वाइंट मिलते हैं, जितने खिलाड़ी उसने रेड के दौरान मैट से बाहर कर दिए हों। एक रेडर जब अपनी किसी एक रेड के दौरान तीन या उससे अधिक प्वाइंट हासिल करता है तो उस रेड को सुपर रेड कहा जाता है।
प्रो कबड्डी में कैसे मिलते हैं बोनस प्वाइंट?
कबड्डी में बोनस प्वाइंट पाने के लिए रेडर को कुछ नियमों का पालन करना होता है। दरअसल, कोर्ट में एक पाले में पीछे एक लाइन बोनस लाइन होती है। रेडर को एक पैर बोनस लाइन तक पहुंचाना होता है, जबकि दूसरा पैर हवा में होना चाहिए। बोनस प्वाइंट तभी मिलता है, जब दूसरी टीम के कम से कम 6 खिलाड़ी मैदान पर मौजूद हों। बोनस अंक किसी खिलाड़ी को खेल में पुनर्जीवित नहीं करते। भले ही रेडर को रेड के दौरान टैकल किया गया हो, फिर भी रेडिंग टीम को बोनस अंक मिलता है।
प्रो कबड्डी में कुछ और नियम इस प्रकार हैं-
- अगर कोई टीम 7 अंक से ज़्यादा से हारती है, तो उसे 0 अंक मिलते हैं।
- अगर कोई टीम विरोधी टीम को ऑलआउट कर देती है, तो उसे 2 बोनस अंक मिलते हैं।
- अगर कोई खिलाड़ी सुपर टैकल करता है, तो उसकी टीम को 1 बोनस अंक मिलता है।
- अगर कोई मैच ड्रॉ पर खत्म होता है, तो दोनों टीमों को 3 अंक मिलते हैं।
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