History of Kabaddi: कबड्डी का दूसरा नाम क्या है? आखिर किस देश का है ये राष्ट्रीय खेल
कबड्डी दुनिया का सबसे पुराना खेल है, जोकि मूल रूप से एक संघर्षपूर्ण खेल है। इस खेल की दोनों टीम में सात-सात खिलाड़ी होते हैं, यह खेल 40 मिनट का होता है और इसमें दो हाफ़ होते हैं। हर हाफ़ 20 मिनट का होता है और दोनों हाफ़ के बीच 5 मिनट का ब्रेक होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कबड्डी का दूसरा नाम क्या है और किस देश का ये राष्ट्रीय खेल है? आइए विस्तार से जानते हैं।
कबड्डी नाम के इस खेल की शुरुआत प्रागैतिहासिक काल से हुई है, जो 1930 तक भारत और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में अपने आधुनिक रूप में विकसित हो गया। नियमों का पहला सेट 1921 में महाराष्ट्र में स्थापित किया गया था और 1923 में संशोधित किया गया था। कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए, 1950 में अखिल भारतीय कबड्डी महासंघ का गठन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 1952 में सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप की शुरुआत हुई।

कबड्डी की अंतर्राष्ट्रीय पहचान
1972 में भारत और पड़ोसी देशों में खेल को लोकप्रिय बनाने के लिए एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) की स्थापना की गई थी। कबड्डी को तब महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली जब इसे 1982 के एशियाई खेलों में एक प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया और 1990 के एशियाई खेलों तक यह एक आधिकारिक अनुशासन बन गया। भारत ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई गोल्ड मेडल जीते हैं।
कबड्डी का पहला वर्ल्ड कप कब हुआ?
कबड्डी का पहला वर्ल्ड कप 2004 में आयोजित किया गया था, जिसमें भारत ने जीत दर्ज की थी। अगले वर्ष एशियाई महिला चैम्पियनशिप का उद्घाटन हुआ, जिसमें भारत ने गोल्ड मेडल। 2006 में, कबड्डी को दक्षिण एशियाई खेलों में शामिल किया गया, जिससे यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका तक इसकी पहुंच बढ़ गई।
कबड्डी का दूसरा नाम क्या है?
कबड्डी का कोई एक नाम नहीं है, क्योंकि अलग-अलग जगहों पर इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। अपने भारत की ही बात करें तो पश्चिमी भारत में इसे हु-तु-तु कहते हैं। पूर्वी भारत और बांग्लादेश में इसे हा-दो-दो कहते हैं। दक्षिण भारत में इसे चेडु-गुडु कहते हैं। श्रीलंका में इसे गुडु कहते हैं। थाईलैंड में इसे थीचुब कहते हैं।
कबड्डी किस देश का राष्ट्रीय खेल है?
कबड्डी बांग्लादेश का राष्ट्रीय खेल है। दक्षिण एशिया में कबड्डी न केवल बांग्लादेश में बल्कि भारत, पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में भी लोकप्रिय है। इस खेल में दो टीमें एक विभाजित मैदान पर खेलती हैं जहां दोनों पक्षों के खिलाड़ी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। हालांकि, बांग्लादेश ने आधिकारिक तौर पर कबड्डी को अपना राष्ट्रीय खेल चुना है।
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पिछले पांच दशकों में कबड्डी में हुए कई बदलाव
पिछले पांच दशकों में कबड्डी में काफी बदलाव हुए हैं। मैट और जूतों के आने से खिलाड़ियों की सेफ्टी और परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है। नई टेक्नोलॉजी और नियमों में बदलाव ने इस खेल को और भी आकर्षक और कुशल खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद बना दिया है।
कबड्डी कैसे खेलें?
कबड्डी के नियमों के अनुसार, मैच की शुरुआत एक टीम द्वारा दूसरी टीम के हाफ पर रेड करने से होती है। रेड के दौरान, अटैकिंग टीम का कोई भी खिलाड़ी, जिसे रेडर कहा जाता है, कबड्डी शब्द का उच्चारण करते हुए दूसरी टीम के हाफ में प्रवेश करता है, जिसे कैंटिंग भी कहा जाता है। रेडर का उद्देश्य यथासंभव अधिक से अधिक विपक्षी खिलाड़ियों, जिन्हें एंटी या डिफेंडर कहा जाता है, को टैग या टच करना होता है और एक सांस में कैंट जारी रखते हुए मिड लाइन को पार करके अपने हाफ में वापस लौटना होता है। इस बीच, डिफेंडर, टैकल करके या उसे कोर्ट से बाहर धकेलकर रेडर को उसके हाफ में वापस लौटने से रोकने की कोशिश करते हैं।












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