Pro Kabaddi League: प्रो कबड्डी लीग के इन नियमों को बदलने का समय, जानिए क्या है परेशानी
Pro Kabaddi League: प्रो कबड्डी लीग को एक दशक हो गया है और इस लीग के कारण खेल में नए खिलाड़ी देखने को मिले हैं और गेम को भी लोकप्रियता मिली है। खास बात यह भी है कि बाहर से आने वाले खिलाड़ी भी इसमें खेलते हैं। इस बार तीन शहरों में लीग के मुकाबले खेले जाएंगे।
हर गेम में कुछ नियम ऐसे होते हैं, जिनको समय के साथ बदलने की आवश्यकता होती है। तकनीक आने से भी खेलों के नियमों में बदलाव हुए हैं। रिव्यू इनमें सबसे अहम है। अंपायरों को अब फैसले देने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। प्रो कबड्डी लीग में भी तकनीक का प्रयोग होता है।

प्रो कबड्डी लीग में भी कुछ नियम ऐसे हैं जिनको बदलने का जरूरत महसूस की जा रही है। इससे खेल में और ज्यादा रोमांच देखने को मिलेगा और हर टीम को बराबरी का मौका भी मिलेगा। दो नियमों की बात यहाँ की जा रही है, जिनमें थोड़ा बदलाव किया जा सकता है।
रिव्यू में होनी चाहिए समानता
क्रिकेट में रिव्यू को लेकर समानता रहती है। दोनों टीमों को बराबर रिव्यू मिलते हैं और किसी भी बड़े इवेंट में लीग चरण से लेकर नॉक आउट तक रिव्यू की संख्या बराबर होती है लेकिन प्रो कबड्डी लीग में ऐसा नहीं है। यहाँ मामला थोड़ा अलग हो जाता है।
पीकेएल में लीग चरण के दौरान पूरे मैच के दौरान दो ही रिव्यू होते हैं। दोनों टीमों को एक-एक रिव्यू दिया जाता है। इसके बाद जब नॉक आउट चरण आता है, तो प्रत्येक हाफ में एक रिव्यू मिलता है। दो हाफ के हिसाब से दो रिव्यू हो जाते हैं। यहाँ समानता होनी चाहिए। लीग चरण में भी दो-दो रिव्यू किये जा सकते हैं। इससे टीमों को फायदा होगा और फैन्स भी लुत्फ़ उठाएंगे।
बोनस पॉइंट मिलने चाहिए
प्रो कबड्डी लीग में अगर कोई टीम जीत दर्ज करती है, तो 5 अंक मिलते हैं लेकिन मुकाबला ड्रॉ होने पर 3 अंक प्राप्त होते हैं। इसके अलावा हारने वाली टीम को यहाँ फायदा है। अगर कोई टीम मैच हारती है और अंतर 7 या उससे कम अंकों का है, तो एक पॉइंट मिल जाता है।
यह जीत दर्ज करने वाली टीम के लिए लागू नहीं है। जब 7 अंक से कम अंतर पर हार के लिए एक अंक है, तो बड़े मार्जिन से जीत दर्ज करने वाली टीम को भी कोई बोनस अंक देना चाहिए। इससे टीमों में और तगड़ी स्पर्धा देखने को मिलेगी तथा खेल में ज्यादा तेजी आएगी।












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