IND vs WI: यारो के यार, हार्दिक और पोलार्ड, दिल टूटा तो त्रिनिदाद पहुंचे पांड्या
स्पोर्ट्स डेस्क, 8 अगस्त: किरोन पोलार्ड और हार्दिक पांड्या यारों के यार हैं। मुम्बई इंडियंस में सात साल एक साथ खेले। दोनों का एक जैसा मिजाज। बल्लेबाजी में चौकों-छक्कों की बरसात। गेंदबाजी में अहम मौकों पर विकेट निकालना। उनके बीच पिच पर कई रिकॉर्डतोड़ पार्टनरशिप हुईं। एक दूसरे के बीच भरोसा और तालमेल बढ़ता गया। फिर तो जिगरी दोस्त बन गये। क्रिकेट में ऐसी मित्रता दुर्लभ है। गुजरात के रहने वाले हार्दिक पांड्या और त्रिनिदाद के रहने वाले पोलार्ड के बीच क्रिकेट के अलावा एक पारिवारिक रिश्ता भी है। हार्दिक, पोलार्ड को अपना बड़ा भाई मानते हैं। ये रिश्ता बहुत जज्बाती है। हार्दिक ने एक बार पोलार्ड के लिए कहा था, "ब्रदर फ्रॉर्म अनदर मदर"। लेकिन 2022 में दिल तोड़ने वाली कुछ बातें हुईं। आइपीएल में दोनों का साथ छूट गया। पोलार्ड ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। लेकिन दोनों के बीच पहले की तरह दोस्ती कायम रही। तभी तो हार्दिक सात समंदर पार पोलार्ड से मिलने उनके घर पहुंच गये।
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त्रिनिदाद के टेकारीगुआ में रहते हैं पोलार्ड
किरोन पोलार्ड टी-20 क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में एक हैं। उनके नाम पर अनगिनत रिकॉर्ड हैं। लेकिन उन्होंने बहुत संघर्ष के बाद ये मुकाम पाया है। उनका बचपन बहुत गरीबी में गुजरा है। उनकी मां ने मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण किया। लेकिन आज उनके पास दौलत और शौहरत की कोई कमी नहीं। कैरिबियन द्वीपसमूह का एक देश है त्रिनिदाद और टोबेगौ। राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन से करीब 20 किलोमीटर दूर एक शहर है टेकारीगुआ। यहीं पोलार्ड का जन्म हुआ। अब पोलार्ड टेकारीगुआ एक आलिशान बंगले में रहते हैं। बंगले की आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा दर्शनीय है। स्विमिंग पुल है। बाग-बगीचा है। बीएमडबल्यू और ऑडी जैसी कई महंगी कारें हैं। क्रिकेट से रिटायर होने के बाद पोलार्ड पत्नी जेन और तीन बच्चों के साथ यहीं रहते हैं।

मैच के लिए त्रिनिदाद गये तो पोलार्ड से मिले
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 29 जुलाई को पहला टी-20 मैच था। यह मैच त्रिनिदाद के टारौबा शहर के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेला गया था। त्रिनिदाद का टारौबा शहर राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन से करीब 45 किलोमीटर दूर दक्षिण में अवस्थित है। हार्दिक पांड्या भारत की टी-20 टीम में शामिल हैं। वे भी मैच खेलने के लिए टारौबा आये थे। भारत ने यह मैच 68 रनों से जीता था। चूंकि हार्दिक, पोलार्ड के देश त्रिनिदाद आये थे सो वे अपने परम मित्र से मिलने का मोह छोड़ नहीं पाये। इसके पहले वे जब भी मैच खेलने त्रिनिदाद आये पोलार्ड से मिलने उनके घर जरूर गये। ये सिलसिला इस बार भी कायम रहा। पोलार्ड की न केवल हार्दिक से बल्कि क्रुणाल पांड्या से भी जबर्दस्त बॉन्डिंग है। हार्दिक, पोलार्ड की पत्नी जेन और उनके बच्चों से भी बहुत घुले-मिले हैं।

2017 में जब पोलार्ड के मजाक से डर गये थे हार्दिक
2017 में भारत की टीम वेस्टइंडीज के दौर पर गयी थी। सीमित ओवरों के मैच में हार्दिक पांड्या भी टीम का हिस्सा थे। त्रिनिदाद की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वींस पार्क ओवल में दोनों टीमों के बीच पहला एकदिवसीय मैच था। वेस्टइंडीज ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी चुनी। भारत का स्कोर 39.2 ओवर में तीन विकेट पर 199 रन था कि बारिश आ गयी। बारिश की वजह से यह मैच रद्द हो गया। उन दिनों पोलार्ड अपने घर पर थे। मैच रद्द हो गया तो हार्दिक अपने मित्र पोलार्ड के साथ घूमने निकल गये। दोनों सड़क पर घूम रहे थे कि पोलार्ड ने अचानक हार्दिक के पैर खींच दिये। उस समय एक पुलिसवाला पेट्रोलिंग कर रहा था जो पोलार्ड का दोस्त था। पोलार्ड ने पुलिसवाले को आवाज दी और उससे हार्दिक की शिकायत कर दी। हार्दिक समझ रहे थे कि यह सब मजाक में हो रहा है। लेकिन पुलिसवाले ने सख्त रवैया अपना लिया। वह हार्दिक को गिरफ्तार करने पर अड़ गया।

पकड़ी गयी पोलार्ड की शरारत
हार्दिक बिल्कुल शांत बने रहे। लेकिन मन ही मन सोचने लगे कि अब बचाव के लिए टीम मैनैजमेंट को फोन करना चाहिए। पुलिसवाले ने हार्दिक को डराने के लिए कह दिया उनकी गिरफ्तारी के लिए और फोर्स को बुलाया जा रहा है। बात गंभीर हो रही थी। तभी हार्दिक ने देखा कि पुलिस वाले ने बात करते समय उल्टा फोन पकड़ रखा है। मतलब वह बात करने का नाटक कर रहा था। फिर हार्दिक समझ गये कि यह सब शरारत है। अचानक पुलिसवाला भी हंसने लगा। माहौल हल्का हो गया। तब पोलार्ड ने पूछा, हार्दिक तुम इस स्थिति में शांत कैसे रहे ? तब हार्दिक ने जवाब दिया, जिसके साथ पोलार्ड जैसा दोस्त हो उसे भला डरने की क्या जरूरत है। सबसे बड़ी बात ये कि मैं तुम्हारे देश में था। तुम मुझे कभी संकट में नहीं छोड़ सकते। इससे समझा जा सकता है हार्दिक को पोलार्ड पर कितना भरोसा है। एक टीवी कार्यक्रम में हार्दिक ने खुद ये कहानी सुनायी थी।

कैसे जमी ये दोस्ती?
किरोन पोलार्ड 2010 में मुम्बई इंडियंस से जुड़े थे। हार्दिक पांड्या 2015 में मुम्बई इंडियंस का हिस्सा बने। जब वे मुम्बई इंडियंस की टीम में शामिल हुए तब पोलार्ड का बड़ा रुतबा था। वे टीम के बेशकीमती खिलाड़ी थे। 2013 में जब मुम्बई पहली बार चैम्पियन बना तो इस जीत के नायक पोलार्ड ही थे। चेन्नई के खिलाफ फाइनल में उन्होंने 45 गेंदों पर 63 रनों की धुआंधार पारी खेली थी। चार ओवर की बॉलिंग में एक विकेट भी लिया था। वे मैन ऑफ द मैच चुने गये थे।
कप्तान रोहित शर्मा और फ्रैंचाइजी ओनर अंबानी परिवार पोलार्ड की बहुत इज्जत करते थे। पोलार्ड की आतिशी बल्लेबाजी के हार्दिक भी दीवाने थे। लेकिन टीम में नया-नया होने के कारण हार्दिक झिझक के कारण पोलार्ड से बहुत कम बात करते थे। दुआ-सलाम से अधिक बात नहीं होती थी। लेकिन 2016 में जब क्रुणाल पांड्या मुम्बई इंडियंस से जुड़े तो एक नये रिश्ते की जमीन तैयार हुई।

क्रुणाल की वजह से दोस्त बने हार्दिक और पोलार्ड
क्रुणाल की पोलार्ड से अच्छी पटने लगी। क्रुणाल और पोलार्ड अक्सर साथ रहते। अपने भाई की वजह से हार्दिक भी पोलार्ड के नजदीक आये। हार्दिक पोलार्ड की सादगी और अपनेपन से बहुत प्रभावित हुए। फिर तो हार्दिक-पोलार्ड की पक्की दोस्ती हो गयी। हार्दिक प्यार से पोलार्ड को गुजराती कहने लगे। पोलार्ड को फिजुलखर्ची बिल्कुल पसंद नहीं थी। मौज-मस्ती पर वे एक पैसा नहीं खर्च करते थे। पैसा जमा करना और प्रोपर्टी खरीदना, यही उनकी प्राथमिकता थी। पोलार्ड हमेशा अपने परिवार को खुशहाल देखना चाहते थे। खिलाड़ी के रूप में हार्दिक, पोलार्ड की इज्जत तो करते ही थे, एक व्यक्ति के रूप में भी वे उनके मुरीद हो गये। ये दोस्ती तो अब और परवान चढ़ चुकी है।












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