WTC FINAL: भारत के किन बल्लेबाजों पर रहेंगी सबकी निगाहें ?
इस साल भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान कप्तान रोहित शर्मा ने बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया था।

भारतीय खिलाड़ियों को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में नये माइंडसेट के साथ उतरना होगा। आइपीएल के धूम-धड़ाका से बाहर निकल कर अब शास्त्रीय क्रिकेट में कौशल दिखाना होगा। अब पावर गेम की जगह क्लासिकल गेम की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया के अधिकतर खिलाड़ियों ने इस खास टेस्ट मैच के लिए बहुत पहले से तैयारी की है। जब कि भारत के खिलाड़ी आइपीएल में व्यस्त रहे। सिर्फ चेतेश्वर पुजारा ही टेस्ट क्षमता को निखारने के लिए काउंटी क्रिकेट में खेले। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का पिछला फाइनल भारत अपनी कमजोर बल्लेबाजी के कारण हार गया था। इंग्लैंड की बाउंसी और फास्ट विकेट पर भारत के बल्लेबाज टिक नहीं पाए थे। 7 जून 2023 से शुरू हो रहे फाइनल मैच में एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजी की परीक्षा होने वाली है। पिछली बार न्यूजीलैंड था , इस बार ऑस्ट्रेलिया है। भारत के किन बल्लेबाजों पर रहेंगी सबकी निगाहें ?
ओवल- 2021 में भारत जीत चुका है टेस्ट
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल 7 जून 2023 से इंग्लैंड के ओवल मैदान पर शुरू हो रहा है। भारत जब 2021 में इंग्लैंड दौरे पर गया था तब रोहित शर्मा ने ओवल टेस्ट की दूसरी पारी में शतक (127) बनाया था। चेतेश्वर पुजारा ने 61 रन बनाये थे। कोहली ने पहली पारी में 50 और दूसरी पारी में 44 रन बनाये थे। शार्दुल ठाकुर ने इस मैच में जबर्दस्त बल्लेबाजी की थी। उन्होंने पहली पारी में 36 गेंदों पर 57 और दूसरी पारी में 72 गेंदों पर 60 रन बना कर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को मजबूत बनाया था। इसके अलावा उन्होंने इस टेस्ट में 3 विकेट भी लिये थे। शायद इसी वजह से शार्दुल को हार्दिक पांड्या पर तरजीह दी गयी है। हार्दिक ने इस साल आइपीएल में बहुत कम गेंदबाजी की, और जो की, वह असरदार नहीं थी। भारत ने इस टेस्ट मैच को 157 रनों से जीत लिया था। लेकिन इस बार भारत को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है। क्या रोहित शर्मा 2021 की तरह फिर शतक लगा पाएंगे ?
रोहित को खेलनी होगी कप्तानी पारी
इस साल भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान कप्तान रोहित शर्मा ने नागपुर के पहले टेस्ट मैच में शतक जमाया था। लेकिन अब रोहित को ओवल के मैदान पर बैटिंग करनी है। नागपुर और ओवल की पिच में बहुत अंतर है। मौसम भी अलग है। नागपुर की पिच स्पिनरों की मददगार थी तो ओवल की पिच तेज गेंदबाजी के अनुकूल है। ऐसे में रोहित शर्मा को संभल कर बल्लेबाजी करनी होगी। चूंकि दो साल पहले वे ओवल में शतक लगा चुके हैं, इसलिए उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा। आइपीएल 2023 में रोहित शर्मा इसलिए बड़े स्कोर नहीं बने सके क्यों कि उनकी रणनीति अलग थी। वे पावर प्ले में तेज खेलने की कोशिश करते रहे और इस कोशिश में विकेट गंवाते रहे। लेकिन टेस्ट मैच में ऐसी कोई जल्दबाजी नहीं है। विकेट पर टिक कर खेलना ही पहली प्राथमिकता है। इस फाइनल मैच पर ही रोहित की टेस्ट कप्तानी का भविष्य टिका है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीत कर वे महान कप्तानों की सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें कप्तानी पारी खेलनी होगी।
विराट कोहली अब लय में
विराट कोहली ने दो साल पहले ओवल की पिच पर अच्छी बल्लेबाजी की थी। इस बार वे आइपीएल में भी वे अपनी बल्लेबाजी का जौहर दिखा चुके हैं। दो शतक लगाये भी लगाये थे। आइपीएल में पहला शतक लगाने के बाद उन्होंने कहा था, मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने ये रन क्रिकेटिंग शॉट्स खेल कर बनाये हैं। मैं फैंसी शॉट्स नहीं खेल सकता क्यों कि मुझे टेस्ट क्रिकेट भी खेलना है। तकनीक पर कायम रह कर भी रन बनाये जा सकते हैं। आज के दौर में टेस्ट मैच के लिए कोहली का यह समर्पण बहुत मायने रखता है। उनका यह आत्मविश्वास भारत के लिए सुकून की बात है। कोहली टी-20, वनडे और टेस्ट क्रिकेट में शतक लगा कर अब पूरी तरह से लय में आ चुके हैं। फाइनल में वे भारतीय बल्लेबाजी का स्तंभ रहेंगे।
गिल होंगे फाइनल के अहम खिलाड़ी !
टेस्ट में रोहित शर्मा के साझीदार रहे केएल राहुल ने भी 2018 में ओवल मैदान पर शतक लगाया था। लेकिन अब वे टीम का हिस्सा नहीं है। संभावना है कि उनकी जगह शुभमन गिल खेलेंगे। शुभमल गिल आइपीएल 2023 में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा चुके हैं। तीन शतक लगाने के अलावा उन्होंने प्रतियोगिता में सबसे अधिक रन बनाये। उन्होंने भी कोहली की तरह क्रिकेटिंग शॉट्स खेल कर ही ये रन बनाये। खेल जानकारों का कहना है कि शुभमन गिल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट के लिए एक योग्य खिलाड़ी हैं। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में वे भारत के लिए तुरूप का पत्ता साबित हो सकते हैं। अब ओवल में उनकी तकनीक और धैर्य की परीक्षा होनेवाली है।
चेतेश्वर पुजारा की तकनीक पर भरोसा
चेतेश्वर पुजारा टेस्ट के लिए एक आदर्श बल्लेबाज हैं। फिलहाल वे इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे। इंगलिश कंडिशन से वे तालमेल बैठा चुके हैं। उनका विशाल अनुभव भी भारत के काम आएगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली में उन्होंने अपना 100वां टेस्ट मैच खेला था। दूसरी पारी में भारत के लिए विजयी चौका लगाया था। वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी करते रहे हैं। तीन महीने पहले उन्होंने इंदौर टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना ग्यरहवां अर्धशतक लगाया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के किलाफ 5 टेस्ट शतक भी लगाये हैं। फाइनल में उनकी भूमिका निर्माणक रहेगी।
अंजिक्य रहाणे- आइपीएल से कायाकल्प
अंजिक्य रहाणे ने टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी भी की है। एक समय वे टेस्ट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज थे। लेकिन 2022 में खराब फॉर्म का हवाला दे कर उन्हें टीम से हटा दिया गया था। उन पर टेस्ट बल्लेबाज का ठप्पा लगा हुआ था। लेकिन आइपीएल 2023 ने उनके क्रिकेट करियर को फिर एक नया जीवन दिया। चेन्नई की तरफ से खेलते हुए रहाणे ने मुम्बई के खिलाफ केवल 18 गेंदों अर्धशतक जमाया था। उन्होंने फाइनल मैच में भी 13 गेंदों पर 27 रन बनाये थे। आइपीएल में उनकी धमाकेदार बल्लेबाजी के कारण ही उन्हें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए चुना गया। उन्होंने 14 मैचों में 172.49 की स्ट्राइकरेट से 326 रन बनाये। वे जिस लय में हैं उससे वे ओवल में भारतीय मिडिल ऑर्डर को मजबूती प्रदान करेंगे। इनके अलावा यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अंतिम एकादश में किसे विकेटकीपर की भूमिका मिलती है। ईशान किशन या केएस भरत ? ये कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर फाइनल में भारतीय बल्लेबाजी का दारोमदार होगा।












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