भारत के धांसू विकेटकीपरों में से एक ऋद्धिमान साहा का संन्यास, रणजी में अंतिम मैच के साथ कहा खेल को अलविदा
Wriddhiman Saha Retirement: भारतीय टीम में लम्बे समय तक खेलने वाले एक खिलाड़ी ने अब हर प्रारूप से रिटायरमेंट के घोषणा कर दी है। रणजी ट्रॉफी में अपना अंतिम मैच खेलने के बाद इस प्लेयर ने खेल को अलविदा कह दिया है। यहाँ बात ऋद्धिमान साहा की हो रही है, जो अब खेलते हुए नजर नहीं आने वाले हैं।
साहा ने पंजाब के खिलाफ बंगाल का रणजी मैच खेलते हुए अपना सफर समाप्त कर दिया। एक इमोशनल नोट लिखते हुए उन्होंने संन्यास लिया। पंजाब के खिलाफ जब साहा मैदान पर उतरे थे, तो उनको गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

मुकाबले से पहले ही उन्होंने अपने रिटायरमेंट के बारे में साथी प्लेयर्स को बता दिया था। साहा ने अपने नोट में लिखा कि 1997 में पहली बार क्रिकेट के मैदान पर कदम रखने के बाद 28 सालों में मैंने इस सफर में मेरे देश, राज्य, जिला और क्लबों के लिए प्रतिनिधित्व किया और यह मेरे लिए सम्मान की बात है।
उन्होंने यह भी लिखा कि क्रिकेट ने मुझे अपार ख़ुशी दी है और समय-समय पर मेरा टेस्ट भी लिया है। उतार-चढाव से इस सफर ने मुझे सिखा दिया कि मैं कौन हूँ। अंत में सब कुछ समाप्त होता है। मैंने भी क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला लिया है।
Wriddhiman Saha ने किया परिवार का शुक्रिया
उन्होंने यह भी लिखा कि क्रिकेट ने मुझे अपार ख़ुशी दी है और समय-समय पर मेरा टेस्ट भी लिया है। उतार-चढाव से इस सफर ने मुझे सिखा दिया कि मैं कौन हूँ। अंत में सब कुछ समाप्त होता है। मैंने भी क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला लिया है। साहा ने कहा कि अब मेरे जीवन का नया चैप्टर शुरू होना है। मैं इसे अपने परिवार, दोस्तों और खुद को समर्पित करना चाहता हूँ। मैं अपने पैरेंट्स और बड़े भाई अनिर्बान का शुक्रिया करता हूँ। उनके बलिदानों और भरोसे के कारण मेरे लिए यह सफर संभव हुआ।
Wriddhiman Saha का कैसा रहा करियर
गौरतलब है कि भारत के लिए साहा ने 40 टेस्ट खेले और कुल 1353 रनों का आंकड़ा हासिल किया। एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होंने 9 मैचों में 41 रन बनाए थे। टी20 में उनको टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिला।












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