VIDEO: पिता करते थे बढ़ई का काम, बेटी ने World Cup जीत रचा इतिहास, आंखों से छलक पड़े आंसू
World Cup Amanjot Kaur: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर 52 साल का सूखा खत्म किया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि करोड़ों सपनों का साकार होना है। भारतीय ऑलराउंडर अमनजोत कौर और उनके परिवार भी जीत के बाद बेहद खुश नजर आए। इस दौरान खिलाड़ी के पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बढ़ई पिता का सपना हुआ साकार (World Cup Amanjot Kaur)
भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप पर कब्जा किया। भारत की जीत के बाद से ही अमनजोत के पिता भूपिंदर सिंह की आंखों से आंसू बह निकले। यह आंसू सालों के संघर्ष, त्याग और एक अटूट विश्वास का परिणाम थे। एक बढ़ई के रूप में काम करने वाले भूपिंदर सिंह के लिए यह जीत उनके खुद के हाथों से बनाए गए एक सपने की जीत थी।

पिता ने बेटी के लिए बनाया था बैट
पुरानी बातों को याद करते इस महिला क्रिकेटर का परिवार बताता है कि जब अमनजोत को एक बार बैट न होने के कारण खेलने से रोका गया था। तब उनके पिता ने रात भर जागकर बचे हुए लकड़ी के टुकड़ों से एक बल्ला तैयार किया था। मोहाली की साधारण गलियों से लेकर वर्ल्ड कप मंच तक का अमनजोत का सफर उनके पिता के इसी प्रयास का नतीजा है।
अमनजोत के कैच ने पलटा मैच
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले खेलते हुए शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा की पारियों की मदद से 298 रन बनाए। इसके बाद गेंदबाज़ी में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने कमाल दिखाया। लेकिन मैच का निर्णायक मोड़ तब आया जब दबाव में खेल रही अमनजोत कौर ने शानदार कैच लपककर दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ड्ट को पवेलियन भेजा। वोलवार्ड्ट उस समय शतक लगाकर भारत की जीत की राह में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थीं। अमनजोत का यह कैच भारत की ऐतिहासिक जीत का कारण बना।
दादी को आया था दिल का दौरा
इस टूर्नामेंट के दौरान अमनजोत की 75 वर्षीय दादी को दिल का दौरा पड़ा था। परिवार ने यह बात अमनजोत से छुपाकर रखी, ताकि वह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सके। जब भूपिंदर सिंह ने अपनी बेटी को वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाते देखा और उनकी आंखें भर आईं, तो यह उनके परिवार के धैर्य और अटूट आस्था का सबसे बड़ा इनाम था।












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