भारतीय सेना की जांबाज महिला फौजी पर WPL मेगा ऑक्शन में पैसों की बारिश, IPL में किस टीम की जर्सी में आएंगी नजर?
Shikha Pandey: महिला प्रीमियर लीग के मेगा ऑक्शन में शुक्रवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने हर क्रिकेट प्रेमी को हैरान कर दिया। तेज गेंदबाज शिखा पांडे का नाम जैसे ही मंच पर आया, बोली लगाने वाली टीमों के बीच मुकाबला अचानक तेज हो गया। एक तरफ आरसीबी थी, जो अपने बॉलिंग अटैक को मजबूत करना चाहती थी, और दूसरी तरफ यूपी वॉरियर्स, जिन्हें एक अनुभवी भारतीय गेंदबाज की तलाश थी।
कुछ ही मिनटों में शिखा की कीमत बेस प्राइस 40 लाख रुपये से बढ़कर करोड़ों में पहुंच गई। आरसीबी ने 2.2 करोड़ रुपये तक बोली लगाई, लेकिन आखिर में यूपी वॉरियर्स ने 2.4 करोड़ रुपये देकर यह रेस जीत ली। बेस प्राइस सिर्फ 40 लाख रुपये होने के बाद भी प्रदर्शन और अनुभव ने इनकी कीमत कई गुना बढ़ा दी।

एयरफोर्स अधिकारी भी हैं शिखा
शिखा पांडे सिर्फ मैदान पर ही नहीं, वर्दी में भी देश की सेवा कर रही हैं। वह भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर हैं। गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद उन्हें 2011 में एयरफोर्स में कमीशन मिला।
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उनका जन्म 12 मई 1989 को आंध्र प्रदेश में हुआ, लेकिन परवरिश और पढ़ाई-लिखाई गोवा में हुई। पूरा बचपन कठिनाइयों में बीतने के बावजूद उन्होंने खेल को कभी नहीं छोड़ा। शिखा रोज 40 किलोमीटर साइकिल चलाकर प्रैक्टिस के लिए जाती थीं और प्लास्टिक गेंदों से अभ्यास करती थीं।
संघर्ष से सफलता तक
शिखा पांडे की कहानी मेहनत और आत्मविश्वास का उदाहरण है। आर्थिक हालात अच्छे नहीं थे, पिता छोटा व्यवसाय करते थे, लेकिन शिखा ने क्रिकेट को कभी नहीं छोड़ा। उनका अनुशासन और फिटनेस आज भी उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
शिखा का क्रिकेट करियर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिखा ने अपनी पहचान एक भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में बनाई है।
- 62 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 43 विकेट, इकॉनमी 6.4
- WPL में 27 मैच, 30 विकेट, इकॉनमी 7 से कम
उनकी लाइन-लेंथ, अनुभव और दबाव में शांत रहने की क्षमता उन्हें एक हाई-वैल्यू खिलाड़ी बनाती है। यही कारण है कि इस साल ऑक्शन में उन पर बड़ी बोली लगी।
क्यों लगी इतनी बड़ी बोली?
यूपी वॉरियर्स को शिखा में उस गेंदबाज की झलक दिखी जो नई गेंद से विकेट निकाल सकती हैं और डेथ ओवर में रन रोक सकती हैं। अनुभव + अनुशासन + फिटनेस = एक भरोसेमंद गेंदबाज, और यही WPL में उनकी कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बना है।
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