कोरोना के बाद बदल गया क्रिकेट और पिचें दे रही हैं रिजल्ट, फिर भी लार की वापसी क्यों चाहते हैं सचिन?
Saliva Ban in Cricket: अब पिचें ऐसी हैं जहां अधिकतर समय पर गेंदबाजों को 20 विकेट मिल जाते हैं। ज्यादा टेस्ट मैच 3 दिन में समाप्त हो जाते हैं। सचिन तेंदुलकर फिर क्यों लार का प्रयोग दोबारा से करने की पैरवी कर रहे हैं?

क्रिकेट में गेंद और बल्ले के बीच का संतुलन बहुत जरूरी है। किस तरह से इन बैलेंस को बैठाया जाए इस पर क्रिकेट की दुनिया आगे बढ़ती है। टेस्ट मैचों में अगर जरा भी इस संतुलन के खेल में गड़बड़ी होती है तो हार खेल की होती है। कभी बल्लेबाजों के पक्ष में पिचें मिलती हैं तो कभी गेंदबाजों के, लेकिन दिक्कत तब आती है जब मैदानी नियम बल्लेबाजों के पक्ष में झुके हुए अधिक मिलते हैं। हाल के समय में गेंदबाजों का सबसे बड़ा हथियार जो छीन लिया गया वह थी उनकी लार, जिससे वे बॉल को एक साइड से चमकाते थे और दूसरी साइड रफ रहती थी।
अब वक्त काफी बदल गया है
लार का उपयोग क्रिकेट में 100 साल से किया जा रहा था। इससे गेंद एक तरफ हल्की और दूसरी तरफ भारी हो जाती है जिससे स्विंग मिलने में आसानी होती है। लेकिन कोरोना के बाद आईसीसी ने लार को बैन कर दिया। साल 2020 में ये फैसला लिया गया और उस समय के लिहाज से ये सही कदम भी था लेकिन अब वक्त काफी बदल गया है और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज चाहते हैं कि गेंदबाजों की मैच में भरपूर वापसी हो।
अब लार की छूट वापस देना हम सबके ऊपर है
फिलहाल लार के बजाए अपना पसीना इस्तेमाल करने का चलन है क्योंकि आपने भूलवश भी लार लगाने की कोशिश की तो विपक्षी टीम को पेनाल्टी के पांच रन दे दिए जाएंगे। नवंबर 2022 में नेपाल के खिलाफ यूएई के अलीशान शफारू ने ऐसा किया और पांच रन नेपाली टीम को मिल गए। पर सचिन चाहते हैं कि अब लार की छूट वापस देना हम सबके ऊपर है। सचिन ने इंडिया टूडे से बात करते हुए ये कहा।
बगल में गेंद को देकर पसीना लगा रहे हैं
सचिन ने कहा कि गेंदबाज अपनी बगल में गेंद को देकर पसीना लगा रहे हैं। फिर लार को आप कैसे गलत मान सकते हैं। लार का और पसीने का टेक्सचर अलग होता है। आप इससे गेंद की एक साइड को भारी और दूसरो को हल्की रख सकते हैं जिससे गेंद को स्विंग मिलेगी।
वहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने कहा था कि लार का प्रयोग नहीं कराना चाहते तो आर्टिफिशियर पदार्थ का इस्तेमाल करने की छूट दी जाए जिससे गेंद को चमकाया जाए।
बदल गया क्रिकेट और पिचें दे रही हैं रिजल्ट
दूसरी ओर आप क्रिकेट में मौजूदा हालात पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि अब पिचों ने लार से ज्यादा रोल प्ले करना शुरू कर दिया है। लार ना होने के बावजूद गेंदबाजों को 20 विकेट मिल जाते हैं। टेस्ट मैचों को किसी भी कीमत पर नतीजें के तौर पर खत्म करने का इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का नजरियां गेंदबाजी के पक्ष में काफी काम कर रहा है। भारत ने रैंक टर्नर बनाकर गेंदबाजी के पक्ष में खेल को झुकाया है। लेकिन अगर पिच गेंद और बल्ले दोनों को सपोर्ट करे तो लार का रोल वहां बहुत कारगर हो सकता है। कई बार अहमदाबाद जैसे 'नेशनल हाइवे' पर भी रिजल्ट निकालने के लिए तेज गेंदबाजों के पास लार का हथियार मौजूद रहना चाहिए।












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