रॉस टेलर के बल्ले से नहीं बन रहे थे रन, सहवाग ने आकर मारा घूंसा और फिर...
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की वजह से कई भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों में गहरी दोस्ती है। विराट कोहली और एबी डिविलियर्स की दोस्ती के किस्से तो हर क्रिकेट फैंस को पता है।
नई दिल्ली, 14 अगस्त। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की वजह से कई भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों में गहरी दोस्ती है। विराट कोहली और एबी डिविलियर्स की दोस्ती के किस्से तो हर क्रिकेट फैंस को पता है। इसके अलावा भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो आईपीएल में साथ खेलने की वजह से काफी अच्छे दोस्त बन गए। आईपीएल में युवा और अनकैप्ड क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय सितारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेलने का मौका मिलता है। न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज रॉस टेलर और वीरेंद्र सहवाग के बीच काफी अच्छी दोस्ती रही है।

सहवाग को लेकर मजेदार खुलासा
क्रिकेट से संन्यास ले चुके रॉस टेलर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'ब्लैक एंड व्हाइट' में वीरेंद्र सहवाग को लेकर एक मजेदार खुलासा किया है। टेलर ने अपनी किताब में जो लिखा उसका कुछ हिस्सा Stuff.co.nz ने छापा है, जिसमें सहवाग द्वारा टेलर को दी गई बल्लेबाजी की सलाह का जिक्र किया गया है। जिसकी मदद से रॉस टेलर बल्ले से रन बनाने में सफल रहे थे।

सहवाग के साथ खेल चुके हैं टेलर
आईपीएल 2012 के सीजन में रॉस टेलर और वीरेंद्र सहवाग दिल्ली डेयरडेविल्स (दिल्ली कैपिटल्स) का हिस्सा थे। इस दौरान रॉस टेलर बुरे फॉर्म से गुजर रहे थे और उनके बल्ले से गेंद नहीं लग रही थी। दिल्ली ने भारी भरकम पैसे खर्च कर रॉस टेलर को टीम में शामिल किया था। ऐसे में टेलर पर टीम के लिए रन बनाने का प्रेशर था। टेलर को दिल्ली ने 1.3 मिलियन डॉलर में खरीदा था।

ऑटोबायोग्राफी में कही यह बात
रॉस टेलर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलासा किया कि एक मैच के दौरान सहवाग मैदान के चारों तरफ शॉट मार रहे थे। जबकि मैं घबरा रहा था क्योंकि दिल्ली ने मुझे काफी पैसे देकर खरीदा था। मेरे चेहरे पर दबाव साफ झलक रहा था। ऐसे में सहवाग जो कि मनमौजी अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे, वो मेरे पास आए और मुझे घूंसा मार कर कहा, 'रॉस, जैसे तुम झींगे खा रहे थे, वैसे ही बल्लेबाजी करो।' दरअसल, रॉस टेलर सहवाग के साथ इस मैच से ठीक एक दिन पहले एक रेस्टोरेंट में जाकर झींगा का आनंद लिया था।

टेलर ने दिल्ली के लिए बनाए 256 रन
टेलर ने आगे लिखा कि सहवाग ने मुझे अहसास कराया कि मुझे खेल को एन्जॉय करते हुए खेलना चाहिए। सहवाग दबाव वाली परिस्थितियों में भी क्रिकेट शौक और सिर्फ मनोरंजन के लिए खेलते रहते थे। सहवाग ने मुझे भी इस तरह बल्लेबाजी करने को कहा जिससे मुझे काफी मदद मिली। जब भी हम मिलते हैं सहवाग झींगे वाली कहानी को जरूर याद करते हैं। बता दें कि टेलर ने दिल्ली के लिए केवल एक सीजन खेला और 16 मैचों में 256 रन बनाए। इससे पहले टेलर 2008 से 2010 यानी तीन साल तक रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) का हिस्सा थे।












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