मैच में अंपायर हुआ गुस्से में लाल, पिस्तौल निकाल चला दी गोली, भारत की इस घटना पर रुक गया लाइव मुकाबला
क्रिकेट में अंपायर का फैसला सर्वोपरि होता है लेकिन कई बार खिलाड़ी नाराज़ भी हो जाते हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में फिर भी प्लेयर्स अनुशासन के साथ फैसलों को स्वीकार कर लेते हैं लेकिन घरेलू क्रिकेट में बात बढ़ भी जाती है। झगड़े तक देखने को मिलते हैं।
घरेलू क्रिकेट में टेनिस बॉल और लेदर बॉल दोनों तरह के क्रिकेट में अंपायरों के साथ प्लेयर्स उलझते रहते हैं। यहाँ तक की धमकी भी देने से पीछे नहीं हटते हैं। अपने पक्ष में फैसला देने के लिए प्लेयर्स की तरफ से अंपायर्स के ऊपर दबाव बनाने का काम करते हैं।

ऐसा ही एक किस्सा जाने-माने भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने शेयर किया है। चौधरी इंटरनेशनल अंपायर हैं लेकिन शुरुआत उनकी भी घरेलू मैचों से ही हुई थी। उन्होंने एक किस्सा शेयर करते हुए कहा है कि एक बार मैदान पर ही एक अंपायर ने गोली चला दी थी।
एक इंटरव्यू के दौरान अनिल चौधरी ने यूपी के ही किसी मैच का किस्सा बताया। अनिल ने कहा कि मुझे दिल्ली से अंपायर के तौर पर बुलाया गया। आयोजक से पूछा कि लोकल अंपायर को क्यों नहीं बुलाते। इस पर जवाब आया कि अंपायर पर रणजी प्लेयर्स ने दबाव बनाया, तो अंपायर ने हवा में गोली चला दी थी। वह पिस्तौल साथ में लेकर आए थे। अनिल चौधरी ने कहा मैं इस घटना को सुनकर हैरान था। लोकल मैचों में अंपायर के ऊपर भी दबाव काफी रहता है।
अनिल चौधरी ने धोनी की कीपिंग के समय अंपायरिंग को आसान बताया और कहा कि जब माही होते हैं, तो अंपायर के लिए भी मामले को जज करना आसान हो जाता है। वह रिव्यू नहीं ले रहे हैं, इसका मतलब आपका फैसला सही होगा। वह फ़ालतू की अपील भी नहीं करते, इससे अंपायर का काम आसान हो जाता है।
ऑस्ट्रेलिया के साथ भारतीय प्लेयर्स द्वारा उलझने की बातों का जवाब देते हुए अनिल चौधरी का कहना था कि यह सब ऑस्ट्रेलिया वाले ही किया करते थे। भारतीयों ने तो अब जवाब देना शुरू किया है। पहले कंगारुओं की तरफ से ही ऐसी हरकतें होती थी।












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