वेस्टइंडीज के दिग्गज को रास नहीं आई विराट और सचिन की तुलना, जानें किसे बताया सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी
India vs West Indies: टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज विराट कोहली की तुलना अक्सर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रन बनाने को लेकर दिग्गज सचिन तेंदुलकर से की जाती है। इस बीच इंडिया बनाम वेस्टइंडीज के दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट कोहली का 500वां इंटरनेशनल मैच था, जहां उन्होंने 76वां इंटरनेशनल शतक पूरा कर इतिहास रच दिया।
इस उपलब्धि के साथ ही कोहली ने सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया है, क्योंकि सचिन ने 500 मैचों के बाद 75 शतक लगाए हैं, जबकि कोहली ने अपना 76वां शतक पूरा कर लिया, लेकिन क्या इसके बाद विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना करना उचित होगा?

दरअसल, वेस्टइंडीज के दिग्गज कर्टली एम्ब्रोस, जिन्होंने अपने क्रिकेट के दिनों में तेंदुलकर के साथ कई मुकाबले खेले हैं और उन्होंने विराट कोहली को दिग्गज खिलाड़ी बनते हुए देखा है। ऐसे में कर्टली एम्ब्रोस का मानना है कि कभी भी दोनों की तुलना नहीं करनी चाहिए। रेव स्पोर्ट्स (Rev Sports) के साथ एक साक्षात्कार में एम्ब्रोस ने कहा कि, 'मैं दोनों खिलाड़ियों की तुलना नहीं करना चाहूंगा।'
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेंदुलकर और कोहली की राहें लगभग पांच साल तक अलग रहीं। तेंदुलकर ने नियमित रूप से सभी फॉर्मेट नहीं खेले और कोहली 2011 के अंत तक ज्यादातर सफेद गेंद के खिलाड़ी थे, लेकिन जब तेंदुलकर रिटायरमेंट के करीब थे, तब कोहली तेजी से उभर रहे थे और तब तेंदुलकर ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।
साल 2019 और 2022 के बीच टेस्ट क्रिकेट में समान संख्या में मैच खेलते हुए कोहली का रिकॉर्ड अभी भी तेंदुलकर से बेहतर है, और ध्यान रहे तेंदुलकर को अपने करियर के शीर्ष पर कोहली की तरह आईपीएल का कठिन सीजन नहीं खेलना पड़ा, लेकिन ऐसा कहने के बाद क्या तेंदुलकर की विरासत को नजरअंदाज किया जा सकता है? क्या यह कभी भुलाया जा सकता है कि कैसे वह भारतीय क्रिकेट के पहले वर्ल्ड लेवल के सुपरस्टार हैं।
एम्ब्रोस, जो तेंदुलकर के खेल को बखूबी समझते हैं, उन्होंने कहा कि, 'सचिन तेंदुलकर एक महान खिलाड़ी हैं, और उन्होंने क्रिकेट में लगभग सब कुछ हासिल किया। आप उनके क्रिकेट ज्ञान और उनके खेलने के तरीके को भुलाया नहीं जा सकता है। मैं वह उस तरह का आदमी नहीं है जो तुलना करना चाहेगा।'
हालांकि, एम्ब्रोस कोहली की तारीफ करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि, 'जब आप एक महान खिलाड़ी होते हैं और पिछले कुछ वर्षों में विराट कोहली की तरह खराब दौर से गुजर रहे होते हैं, जहां उन्होंने भारत के बाहर एक भी शतक नहीं बनाया है, तो लोग उन्हें देखते हैं और कहते हैं 'ओह, वह बहुत आगे हैं' , वह संघर्ष कर रहा है क्योंकि उसने शतक नहीं बनाया है,' और ये सब चीजें। यह अनुचित है। प्रत्येक महान खिलाड़ी एक ऐसे दौर से गुजरता है जहां वे शतक बनाने में असफल हो जाते हैं या लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहते हैं।
वह अभी भी एक बेहतरीन खिलाड़ी है, वास्तव में मैं खुश हूं कि उसने शतक बनाया। दुर्भाग्य से यह वेस्टइंडीज के खिलाफ है, लेकिन इससे उसका आत्मविश्वास काफी हद तक बढ़ जाएगा, और कुछ लोगों का मुंह बंद हो जाएगा जो सोचते हैं कि वह बहुत आगे है। ऐसा नहीं है, उसे अभी भी भारतीय क्रिकेट में योगदान देने के लिए बहुत कुछ करना है।'
कोहली ने त्रिनिदाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में धैर्यपूर्वक शतक लगाकर टेस्ट शतक के लिए लगभग चार साल के लंबे इंतजार को खत्म कर दिया। अंतिम टेस्ट का पांचवां दिन बारिश की भेंट चढ़ने के बाद भारत ने सीरीज 1-0 से जीत ली, और मैच ड्रॉ के साथ समाप्त हो गया।












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