समस्याएं कई, समाधान एक: वो खिलाड़ी जिसके पास वह सब कुछ है जो ODI में इस समय भारत को चाहिए
नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम के पास हार्दिक पंड्या और रविंद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर हैं लेकिन या तो कोई चोटिल रहता है या फिर फॉर्म से दूर रहता है। ऐसे में भारत के पास अभी भी सफेद केंद्र फॉर्मेट टीम में एक ऐसे बैलेंस की गुंजाइश बाकी है जहां वे विपक्षी टीमों का हर परिस्थिति में मुकाबला करने की स्थिति में दिख सके। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में जिस तरह से वनडे सीरीज हारी उसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो गए और ऐसे खिलाड़ियों की कमी साफ महसूस की गई जो बीच के ओवरों में कसी हुई बॉलिंग कर सकें और फिनिशर रोल भी निभा सके। ऐसे में इन दो चीजों के लिए हमारी नजर वाशिंगटन सुंदर पड़ जाती है जिन्होंने अभी तक भारतीय टीम में जगह पक्की नहीं की है।

वाशिंगटनर सुंदर-
वाशिंगटन सुंदर ने 31टी20 मुकाबले भारत के लिए खेले हैं और केवल 32 गेंद का सामना किया है। उन्होंने केवल 11 पारियों में बल्लेबाजी की और कभी भी साथ नंबर 7 से ऊपर नहीं आए। हालांकि उन्होंने गेंदबाजी में 100 से भी अधिक ओवर किए है। तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है जहां वाशिंगटन सुंदर ने अभी तक तीन अर्धशतक लगा दिए हैं और उनका बैटिंग एवरेज 66 के करीब है। लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में सुंदर को केवल एक बार ही किसी पारी में 7 से अधिक ओवर फेंकने का मौका मिला था। जाहिर है भारत किसी भी फॉर्मेट में सुंदर की ऑल राउंड काबिलियत को पूरी तरह यूज नहीं कर पा रहा है।

भारतीय टीम की जरूरत में फिट होने वाला खिलाड़ी-
वाशिंगटन सुंदर के परिजन और उनको करीब से जानने वाले रविचंद्रन अश्विन जैसे खिलाड़ी साफ कर चुके हैं कि सुंदर ने अपना जीवन एक बल्लेबाज के तौर पर विकसित करने में इस्तेमाल किया है जो जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी भी कर सकता है। भारत ने वेंकटेश अय्यर को हाल ही में ट्राई किया और ऑलराउंडर के तौर पर उनको डालने की कोशिश की लेकिन वे बुरी तरह फ्लॉप रहे। ऐसे में भारत को वापस सुंदर की ओर मुड़ कर देखना चाहिए जो भले ही हर स्थिति में बिल्कुल परफेक्ट भले ना हों लेकिन उनके पास अभी भी अपने देश को देने के लिए काफी कुछ है।

सुंदर की काबिलियत-
सुंदर बीच के ओवरों में अच्छी स्पिन फेंक भी सकते हैं और खेल भी सकते हैं। बैटिंग लाइन अप में जरूरत पड़ने पर या तो तेजी से रन बना सकते हैं या फिर खूंटा गाड़ कर खेल सकते हैं। हम वाशिंगटन सुंदर को सफेद गेंद क्रिकेट में कसी हुई गेंदबाजी करने के लिए जानते हैं क्योंकि सुंदर के पास एक गजब की काबिलियत है और वह यह है कि विपक्षी बल्लेबाजों की पैर की मूवमेंट को भांप कर अपनी गेंदबाजी की लंबाई को बदलना जिसके चलते बल्लेबाज के लिए हर बार सुंदर को हिट करना आसान नहीं होता है। सुंदर जैसे स्मार्ट गेंदबाज टी20 में उपयोगी हैं और जिस तरीके से 2019 वर्ल्ड कप के बाद से सफेद गेंद फॉर्मेट में भारतीय स्पिन की दुर्गति हुई है उसके बाद कहीं ना कहीं भारतीय टीम को सुंदर की ओर देखना चाहिए।

सुंदर हैं तो भारत को कुछ विकल्प मिल सकते हैं-
सुंदर के अंदर बल्लेबाजों को थाम कर रखने के बावजूद अटैकिंग बॉलिंग करने की क्षमता है। वह बहुत ही देर से अपनी गेंद छोड़ते हैं और यही उनकी एक खास काबिलियत है। हमने कई बार देखा है भारतीय गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह एक छोर से प्रैशर बनाते हैं लेकिन दूसरे छोर से वह रिलीज होता रहता है। ऐसे में सुंदर के साथ बुमराह की जोड़ी पावर प्ले या मिडिल ओवर में विपक्षी बल्लेबाजों को थामने का काम कर सकती है। जैसे की हम बता चुके हैं कि सुंदर का अधिकतर समय एक बल्लेबाज के तौर पर विकसित होने में बीता है तो यहां भारत को कुछ विकल्प मिल सकते हैं।

बैटिंग में कई रोल निभा सकते हैं सुंदर-
जैसे कि वेस्टइंडीज की सीरीज में रोहित शर्मा ओपनिंग करेंगे तो केएल राहुल को मध्यक्रम में वापस भेजा जा सकता है क्योंकि उन्होंने पहले भी यहां पर गजब का रोल निभा कर दिखाया है। ऋषभ पंत के साथ मिलकर केएल राहुल तेज रन बनाकर मैच को फिनिश करने जा सकते हैं। यहां पर सुंदर का इस्तेमाल तेजी से रन बनाने वाले खिलाड़ी के तौर पर हो सकता है या फिर एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर भी जो स्पिन को काउंटर कर सकता है या फिर वे विकेट को संभालकर रखने वाले बल्लेबाज साबित हो सकते हैं अगर भारत के विकेट शुरुआत में तेजी से गिर जाते हैं ।
सुंदर केवल 22 साल के हैं और अभी भी सीख रहे हैं ऐसे में उनको मौका दिया जाना चाहिए और दूसरी बात यह है कि जिस टीम में हार्दिक पंड्या और रविंद्र जडेजा होंगे वहां सुंदर के लिए गुंजाइश कम बनेगी लेकिन 2023 के वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए भारत सुंदर की अलग-अलग स्किल को इस्तेमाल कर सकता है और उनके ऊपर अभी से ध्यान देने की जरूरत है।












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