'मैं संन्यास की घोषणा कर दूंगा...,' MS Dhoni के रिटायरमेंट को लेकर वीवीएस लक्ष्मन ने किया बड़ा खुलासा
ms dhoni retirement: महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर वीवीएस लक्ष्मण ने एक मजेदार वाकया के बारे में बताया, जब साल 2006 में धोनी ने भारत के पाकिस्तान दौरे पर अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा था।
MS Dhoni Retirement: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी एमएस धोनी के प्रति उनके चाहने वालों का प्यार बढ़ता ही जा रहा है, यही कारण है कि कैप्टून कूल किसी न किसी वजह से फैंस के दिल में बने रहते हैं।
फिर चाहे आईपीएल 2023 की बात हो या विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल मैच हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एमएस धोनी पहले टेस्ट शतक के बाद ही संन्यास लेना चाहते थे? आइए जानते हैं क्या था ये पूरा मामला।
दरअसल, एमएस धोनी के संन्यास का ये मजेदार वाकया साल 2006 का है, जब धोनी ने भारत के पाकिस्तान दौरे पर अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा था। उन्होंने केवल 153 गेंदों में 148 रन बनाए, 16 चौके और 4 छक्के लगाकर भारत को बोर्ड पर 603 पोस्ट करने में मदद की।

इस मुकाबले में धोनी और इरफान पठान के बीच शानदार साझेदारी भी देखने को मिली। इस टूर्नामेंट के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने बताया की किस तरह धोनी ने ड्रेसिंग रूम में वापस आते ही मजाक में अपने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कहा था।
वीवीएस लक्ष्मण ने बताया की, 'मुझे अभी भी याद है कि वह ड्रेसिंग रूम में वापस आए और जोर से कहने लगे थे कि 'मैं अपने रिटायरमेंट की घोषणा करने जा रहा हूं, मैंने टेस्ट क्रिकेट में शतक मारा, बस यार। मुझे अब टेस्ट क्रिकेट से और कुछ नहीं चाहिए।' लक्ष्मण ने कहा कि, हम यह सुनकर हैरान रह गए। लेकिन एमएस धोनी हमेशा से ऐसे ही थे।'
एमएस धोनी ने 2005 में टेस्ट क्रिकेट के लिए डेब्यू किया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ घर में अपनी पहली टेस्ट सीरीज में एक अर्धशतक और 30 से अधिक का स्कोर बनाया। उन्होंने 2006 में भारत के पाकिस्तान दौरे पर अपना पहला टेस्ट शतक बनाया। धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान 2014 की शुरुआत में ही टेस्ट से संन्यास ले लिया था।
धोनी ने सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलना जारी रखा था, उन्होने आखिरी बार 2019 विश्व कप में भारत के लिए क्रिकेट खेला था। दरअसल, वीवीएस लक्ष्मण ने एमएस धोनी को लेकर एक और मजेदार बात यह बताई कि, धोनी ने नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान भारत की टीम की बस को होटल से स्टेडियम तक खुद चलाकर पहुंचाया।
उन्होंने बताया कि 'एमएस धोनी ने टीम के बस ड्राइवर को पीछे बैठने के लिए कहा, और उन्होंने टीम बस को मैदान से होटल तक चलाया, और हम सब हैरान रह गए थे।' उन्होंने कहा कि धोनी इसी तरह अपने जीवन का आनंद लेते रहे हैं। उनके लिए एक क्रिकेटर होने के नाते क्रिकेट के मैदान पर सब कुछ करना था, लेकिन मैदान के बाहर वह एक दम सामान्य रहे।'












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