'वो हर मैच में पहनता था एक ही शर्ट', सहवाग ने सुनाया पूर्व क्रिकेटर के अंधविश्वास का किस्सा
नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर हर खिलाड़ी तभी चमकता है जब वो अपने टैलेंट का प्रदर्शन मैदान पर करता है, हालांकि इसके बावजूद कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से ज्यादा कुछ अंधविश्वास पर भरोसा जताया और जब भी मैदान पर उतरते थे तो उसे करना नहीं भूलते थे। इसमें सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि दुनिया भर के कई सितारे शामिल हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गज खिलाड़ी अच्छे प्रदर्शन के उद्देश्य से मैच के दौरान एक खास प्रैक्टिस करते हुए नजर आते थे, फिर चाहे प्रदर्शन कैसा भी रहा हो।

ऐसा करने वाले में सबसे मशहूर खिलाड़ियों का बात करें तो टेनिस दिग्गज राफेल नडाल का नाम इसमें शामिल है, जो कि कोर्ट में जाने से पहले बोतल को खास अंदाज में रखकर जाते थे। वहीं सचिन तेंदुलकर मैदान पर उतरने से पहले हमेशा बायें पैर का पैड पहनते थे। इतना ही नहीं 2011 विश्वकप के फाइनल मैच में तेंदुलकर ने सभी खिलाड़ियों को उनके साथ बैठने पर मजबूर किया था और जब तक धोनी और गंभीर मैदान पर खेल रहे ते किसी को वॉशरूम तक जाने की भी इजाजत नहीं दी।
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राजीव नय्यर के नाम है बड़ा रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने कई बार इस किस्से को सुनाया है लेकिन हाल ही में उन्होंने एक और खिलाड़ी के बारे में सुनाया है, जो अपने अंधविश्वास की वजह से ऐसा काम करते थे जिसे रोकने के लिये बाकी खिलाड़ियों को शामिल होना पड़ा। सहवाग ने घरेलू क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी राजीव नय्यर के अंधविश्वास के बारे में जानकारी दी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में राजीव नय्यर के नाम सबसे लंबी पारी खेलने का रिकॉर्ड है जिन्होंने 1999 में हिमाचल प्रदेश की टीम से खेलते हुए जम्मू कश्मीर के खिलाफ 271 रनों की पारी खेली थी और रणजी ट्रॉफी के मैच में 1015 मिनट तक खेलते नजर आये थे।

अंधविश्वास के चलते हर मैच में पहनते थे एक ही शर्ट
नय्यर ने अपने घरेलू करियर का अंत 96 प्रथम श्रेणी मैचों में 6881 रनों के साथ किया। इनके बारे में जानकारी देते हुए सहवाग ने कहा कि नय्यर खुद को आराम देने के लिये हर मैच में एक ही टी शर्ट पहनकर उतरते थे।
क्रिकबज के साथ बात करते हुए सहवाग ने कहा,'हिमाचल प्रदेश से एक खिलाड़ी आते थे राजीव नय्यर, जो कि मैदान पर उतरते थो एक ही टी शर्ट पहनकर खेलने पहुंचते थे। ऐसा नहीं था कि वो जब भी टी शर्ट पहनते थे तो रन बनाते थे, लेकिन वो ऐसा कर के काफी सहज महसूस करते थे और वो इसको लेकर अंधविश्वासी थे। उन्हें महसूस होता था कि वो उस टी शर्ट को पहनेंगे तो रन बनायेंगे।'

हमें फाड़नी पड़ी उनकी शर्ट
सहवाग ने यह कहानी उस वक्त सुनाई जब वो खुद के अंधविश्वास के बारे में लिखे जाने पर बात कर रहे थे और इसको लेकर अपनी मानसिकता के बारे में जानकारी दे रहे थे। अपने साथी खिलाड़ी अजय जडेजा और गौरव कपूर के साथ इस किस्से को सुनाते हुए सहवाग ने कहा,' तो जब हम नॉर्थ जोन के साथ खेल रहे थे तो हमने उसकी टी शर्ट फाड़ दी। हम जानते थे कि जब दिल्ली और हिमाचल की टीम का मुकाबला होगा तो वो फिर से उसी शर्ट के साथ उतरेगा तो हमने उसकी शर्ट फाड़ दी ताकि वो हमारे खिलाफ रन न बना सके।'












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