'असली' क्रिकेट में कभी ना भुलाने वाला योगदान, क्यों विराट कोहली हैं भारत के महानतम टेस्ट कप्तान
नई दिल्लीः विराट कोहली ने अप्रत्याशित फैसला लेते हुए भारतीय टेस्ट कप्तान के पद से इस्तीफा दे दिया है। वे पहले ही टी-20 से भी इस्तीफा दे चुके हैं और वनडे की कमान उनसे छीनी जा चुकी है। इसका मतलब यह है कि 33 साल का यह जोशीला क्रिकेटर अब किसी भी तरह के लीडरशिप रोल में पर्दे के आगे नहीं दिखाई देगा। कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी को एक बिग थैंक्यू बोलते हुए सोशल मीडिया पर अपने कप्तानी करियर को विराम लगाया है। इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट में कोहली के कप्तानी युग की समाप्ति हो चुकी है।

68 टेस्ट मैच खेले जिसमें 40 मुकाबले जीते-
भारत ने कोहली की कप्तानी में 68 टेस्ट मैच खेले जिसमें 40 मुकाबले जीतने में कामयाबी हासिल की और 17 मैच हारे, 11 मैच ड्रा रहे और वे भारतीय क्रिकेट इतिहास के महानतम टेस्ट कप्तान है। यह कोहली की कप्तानी ही थी जब भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती। भारत इंग्लैंड के खिलाफ भी टेस्ट सीरीज जीतने से बहुत कम अंतर पर रह गया जब विराट कोहली की कप्तानी में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 2-1 की अपराजेय बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि वह कप्तानी को विदाई देने से ठीक पहले दक्षिण अफ्रीका में इतिहास रचने से चूक गए क्योंकि भारत सेंचुरियन में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद जोहांसबर्ग और केपटाउन टेस्ट में हार गया।

धोनी से रिकॉर्ड की तुलना करें तो-
कोहली ने अपनी कप्तानी में खेले गए 68 मुकाबलों में बल्लेबाजी भी जमकर की जिसमें उन्होंने 54.80 की औसत से 5864 रन बनाए जिसमें 20 शतक और 18 अर्धशतक शामिल है। अगर विराट कोहली के रिकॉर्ड की महेंद्र सिंह धोनी से तुलना की जाए तो धोनी ने 60 मैचों में केवल 27 ही जीत दर्ज की थी वह अट्ठारह मुकाबले हारे थे।

दुनिया के नंबर चार कप्तान-
हम अगर विश्व में टेस्ट खेलने वाले कप्तानों की बातें करें तो विराट कोहली उन कप्तानों की लिस्ट में चौथे नंबर पर आते हैं जिन्होंने कम से कम 20 टेस्ट मैच खेले हैं और जीत का सर्वाधिक प्रतिशत दिया है। इस मामले में स्टीव वॉ टॉप पर हैं और उनका जीत प्रतिशत 71.93 है जिसके बाद डॉन ब्रैडमैन का नंबर आता है और उनका जीत प्रतिशत 62.50 है। रिकी पोंटिंग 62.34 के जीत प्रतिशत के साथ नंबर तीन पर आते हैं। कोहली 58.82% के साथ नंबर चार पर आते हैं।

पिछले 5 महीने बड़े ही उथल-पुथल वाले रहे
विराट कोहली के क्रिकेट करियर में पिछले 5 महीने बड़े ही उथल-पुथल वाले रहे। उन्होंने सबसे पहले T20 कप्तानी से इस्तीफा दिया फिर अपनी आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी भी छोड़ दी। बाद में और भी उतार-चढ़ाव का दौर तब शुरू हुआ जब उनसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड के चयनकर्ताओं ने वनडे कप्तानी छीन ली और अब उन्होंने एक बार फिर अपनी शर्तों पर टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। यह सब मामले केवल पिछले 5 महीनों में घटित हुए।

सबसे सफल कप्तानों में विश्व स्तर पर कोहली-
सबसे सफल कप्तानों की बात करें तो कोहली पूरी दुनिया में चौथे नंबर पर आते हैं और उनके नाम 40 टेस्ट जीत दर्ज है। स्टीव वॉ नंबर 3 पर 41 जीत के साथ हैं। रिकी पोंटिंग 48 जीत के साथ नंबर तीन पर हैं और 53 जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ का नंबर आता है।
इतना तय है भारत और विश्व क्रिकेट ऐसे समय में कोहली के योगदान को भुला नहीं पाएगा जब टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता तेजी से घटी है। यहां विराट ने सुपरस्टार का रोल निभाकर इस फॉर्मेट के सफेद कपड़ों में भी रंग भर दिए। अच्छी बात यह है कि कोहली अभी बल्लेबाज के तौर पर मौजूद हैं।












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