'जिस दिन ऐसा हुआ क्रिकेट से ले लूंगा संन्यास', IPL में अपनी खराब फॉर्म को लेकर विराट कोहली ने तोड़ी चुप्पी
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिये पिछले दो साल कुछ खास नहीं रहे हैं और उनकी फॉर्म लगातार खराब होती नजर आ रही है। इसका असर इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन के दौरान भी देखने को मिला है।
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिये पिछले दो साल कुछ खास नहीं रहे हैं और उनकी फॉर्म लगातार खराब होती नजर आ रही है। इसका असर इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन के दौरान भी देखने को मिला है, जहां पर आरसीबी के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने नंबर 3 और ओपनिंग करते हुए 13 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक की मदद से सिर्फ 236 रन बनाये हैं। इतना ही नहीं विराट कोहली के आईपीएल करियर में पहली बार हुआ है जब वो एक सीजन के अंदर खेली गई 3 पारियों में गोल्डन डक का शिकार हो गये हैं।

इस सीजन से पहले आईपीएल के पूरे करियर में विराट कोहली के नाम सिर्फ 3 गोल्डन डक शामिल थे। इसके चलते खेल जगत के कई दिग्गजों का मानना है कि विराट कोहली लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से मानसिक रूप से थके हुए हैं, ऐसे में उन्हें ब्रेक ले लेना चाहिये, वहीं पर कुछ खिलाड़ियों का मानना है कि विराट को फॉर्म में वापस आने के लिये खेलते रहना चाहिये। इस बीच विराट कोहली ने खुद ही अपनी खराब फॉर्म को लेकर चुप्पी तोड़ी है।
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मैंंने इससे बेहतर समय कभी नहीं जिया
स्टार स्पोर्टस के शो इनसाइड आरसीबी में बात करते हुए कोहली ने कहा,'मेरे अनुभव मेरे लिये सबसे खास है, जो भी अनुभव मैंने अपने इस दौर में लिये हैं या फिर पहले के समय में भी उन्हें देखते हुए मैं एक चीज कसम खा कर सकता हूं कि मैंने एक इंसान के तौर कभी खुद को इतनी तवज्जो नहीं दी थी। क्योंकि मैं जो अभी महसूस कर रहा हूं उसके हिसाब से दुनिया में आपके लिये एक अलग पहचान बना दी गई है, जो कि सच्चाई से कोसों दूर और काफी अलग है।'

अगर ऐसा हुआ तो छोड़ दूंगा क्रिकेट
विराट कोहली ने जब से कप्तानी छोड़ी है तब से मैदान पर उनकी आक्रामकता, उत्साह बढ़ाना और गेंदबाजों के खिलाफ उकसावे का जवाब देना काफी कम हो गया है। हालांकि विराट कोहली ने इसको लेकर साफ किया है कि उनके अंदर अभी भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने की भूख बरकरार है, जिस दिन यह भूख खत्म हो गई वो क्रिकेट खेलना छोड़ देंगे।

मैं अपने जीवन के सबसे खुशनुमा दौर में हूं
उन्होंने कहा,'ऐसा नहीं है कि मुझमें पहले जैसी भूख खत्म हो गई है, मेरे अंदर की भूख मर नहीं सकती, जिस दिन यह भूख मर जायेगी मैं इस खेल को छोड़ दूंगा। पर आपको कुछ चीजें समझनी होंगी की कई बार चीजें आपके हाथ में नहीं होती हैं, आप सिर्फ उन्हीं चीजों पर काम कर सकते हैं जो आपके कंट्रोल में होती है और वो है मैदान पर कड़ी मेहनत करना और अपने जीवन में भी, और उस नजरिये से मैं अपने जीवन के सबसे संतुलित दौर में हूं और मैं जो हूं, जिस तरह से जीवन में आगे बढ़ रहा हूं उससे काफी खुश हूं।'

टीम के लिये कुछ न कर पाने से होती है झुंझलाहट
विराट कोहली ने आगे बात करते हुए कहा कि मैदान पर जो कुछ होता है उससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी या निराशा नहीं होती है, तो जो भी मैदान पर नजर आता है वो मेरे बारे में नहीं है बल्कि इस बात के लिये है कि टीम के लक्ष्य में अपना उतना योगदान नहीं दे पा रहा हूं, जितना की मैं चाहता हूं। मुझे खुद पर गर्व है लेकिन यह वो चीज है जो मुझे हमेशा निराश कर रही है न कि एक निजी रूप से मेरा प्रदर्शन, यह इसलिये हैं क्योंकि मैं अपनी टीम का मनोबल गिरा रहा हूं।

खराब फॉर्म के बावजूद ढूंढ लेते हैं सकारात्मक पहलू
विराट कोहली भले ही लगातार रन बना पाने में नाकाम हो रहे हैं इसके बावजूद वो करियर के इस दौर में सकारात्मक पक्ष देखने में कामयाब हो रहे हैं। इतना ही नहीं विराट कोहली ने अपने करियर के इस दौर को सबसे खुशहाल बताया है और कहा है कि अब उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोच रहे हैं।












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