IND vs AUS: 41 पारियों का इंतजार, करियर का दूसरा सबसे धीमा शतक, फिर भी बहुत खास रही कोहली की ये सेंचुरी
Virat Kohli 28th Test 100: विराट कोहली ने करियर में टेस्ट शतक के लिए इतना इंतजार कभी नहीं किया। उन्होंने सिर्फ एक बार इससे धीमी पारी खेली। फिर ये शतक बहुत खास रहा।

IND vs AUS: भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट करियर में अपना बहुप्रतीक्षित 28वां शतक (Virat Kohli 28th 100) पूरा कर लिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के चौथे और अंतिम टेस्ट मैच की पहली पारी में विराट कोहली ने यह उपलब्धि हासिल की और जितना लंबा यह इंतजार था उतना ही बेहतरीन इसका नतीजा देखने को मिला क्योंकि विराट एक ऐसी पिच पर बल्लेबाजी कर रहे थे जो बल्लेबाजों के लिए आसान तो है लेकिन इस पर तेजी से रन बनाना इतना सरल नहीं लग रहा है। विराट कोहली ने यहां 3 साल बाद रेड बॉल फॉर्मेट में एक तरीके से अपना वनवास खत्म किया।

कोहली पिछले साल एशिया कप में शतक लगाकर इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी सेंचुरी का सूखा तो पहले ही समाप्त कर चुके थे और फिर वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने कुछ शानदार पारियां खेली जिसके चलते बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में विराट एक बेहतरीन फॉर्म के साथ आ रहे थे लेकिन श्रंखला में जो रैंक टर्नर पिचें प्रस्तुत की गई उसने कोहली की बल्लेबाजी को बहुत ही मुश्किल कर दिया। सिर्फ कोहली ही नहीं बल्कि भारत के सभी बल्लेबाज इन पिचों पर जूझते नजर आए और बड़ी पारियां खेलने के लिए तरस गए। इस दौरान विराट कुछ अच्छे 30-40 बनाने में कामयाब रहे लेकिन शतक उनके बल्ले से कोसों दूर था।

ऐसे में जब टीम इंडिया अहमदाबाद आई तो यह सीरीज का बेस्ट विकेट लगा और यहां कोहली ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए 241 गेंदों पर शतक लगाया। इसके साथ ही विराट ने 75 इंटरनेशनल शतक पूरे कर लिए हैं। यह कोहली के टेस्ट करियर का दूसरा सबसे धीमा शतक है। इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2012 में नागपुर की पिच पर 289 गेंदों पर शतक की पारी खेली थी। कोहली आमतौर पर तेज खेलते रहे हैं लेकिन पिछले कुछ समय से उन्होंने काफी चौकस होकर खेलना शुरू कर दिया है। विराट के लिए पिछले 3 साल में मुश्किल भरे भी रहे। यह इसी से पता चलता है कि उन्होंने इस बार 41 पारियों में ये शतक लगाया है। इससे पहले वे अपने 11वें शतक के लिए 12 पारियों को ले चुके थे जो उनकी द्वारा ली गई सबसे ज्यादा थी। इसी से पता चलता है कि विराट कितनी कंसिस्टेंसी से रन बना रहे थे।

तीन साल बाद अब ऐसा लगता है कि तीनों फॉर्मेट में उनकी वापसी हो गई है। कोहली के खेलने का वह तूफानी अंदाज तो अब नहीं देखता लेकिन एक नई मैच्योरिटी जरूर नजर आती है। विराट ने ऑस्ट्रेलिया खिलाफ 16वां शतक भी लगाया है। इस लिस्ट में टॉप पर सचिन तेंदुलकर हैं जिन्होंने 20 टेस्ट शतक लगा दिए हैं। जब हम क्रिकेट में फैब-4 की बात करते हैं तो यहां स्टीव स्मिथ के नाम 96 टेस्ट मैचों में 30 शतक है। जो रूट 129 टेस्ट मैचों में 29 शतक लगा चुके हैं। विराट कोहली ने 108 मैच खेले हैं तो वहीं केन विलियमसन 93 मैचों में 26 शतक लगा चुके हैं। अगर हम मौजूदा सक्रिय बल्लेबाजों की बात करें तो विराट कोहली के बाद जो रूट का नंबर आता है जिन्होंने ओवरऑल 45 इंटरनेशनल शतक लगाए हैं। ये लिस्ट बताती है कि कोहली और बाकी बल्लेबाजों में जमीन और आसमान का फर्क है। स्टीव स्मिथ अभी तक केवल 42 इंटरनेशनल शतक लगा पाए हैं।

जहां तक मैच की बात है तो ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 480 रन बनाए थे और सपाट पिच पर भारत ने भी चौथे दिन टी ब्रेक तक 158 ओवर खेलते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 472 रन बना दिए थे। शुरू के तीन मैचों में टर्निंग पिचों का रोना लगातार चलता रहा लेकिन अब अहमदाबाद में एक ऐसे पिच मिली है जिस पर शायद नतीजा ही निकलता दिखाई नहीं दे रहा है और अब इस तरह की पिचें भी आलोचनाओं के केंद्र में होने चाहिए जो या तो सिर्फ बल्लेबाजों को सहयोग देती है या सिर्फ गेंदबाजों को। इससे यह भी पता चलता है कि टेस्ट क्रिकेट में एक संतुलित विकेट बनाना शायद सबसे मुश्किल काम है। टीम इंडिया कम से कम एक या दो सत्र और खेलना चाहेगी लेकिन उनकी निगाहे तेजी से रन बटोरने पर होगी। फिलहाल पिच ऐसा टर्न पैदा नहीं कर रही है जिससे एक या दो सत्रों में ही कंगारू पारी सिमट जाए लेकिन ये टेस्ट मैच है जहां पांचवें दिन चमत्कार भी होते हैं और हैरान करने वाली नतीजे भी देखने को मिलते हैं तो कल के दिन के पूरे होने तक इस टेस्ट मैच के बारे में अभी भी कुछ नहीं कहा जा सकता है।












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