T20 वर्ल्ड कप के बीच क्रिकेट जगत में पसरा मातम, भारतीय अंपायर की दुःखद मौत, तड़पकर गई जान
उत्तर प्रदेश के क्रिकेट गलियारों से एक ऐसी दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने खेल प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया है। शुक्लागंज के सप्रू स्टेडियम में चल रहे एक जूनियर क्रिकेट मैच के दौरान प्रकृति का ऐसा कहर टूटा कि एक अनुभवी अंपायर को अपनी जान गंवानी पड़ी।
बुधवार को KDMA अंडर-13 लीग के मुकाबले के दौरान अचानक मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड ने मैदान पर धावा बोल दिया। इस अप्रत्याशित हमले में 65 वर्षीय दिग्गज अंपायर माणिक गुप्ता बुरी तरह घिर गए। सफेद लिबास पहने अंपायर पर मधुमक्खियों ने सैकड़ों डंक मारे, जिससे वे मैदान पर ही बेसुध होकर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई, जिससे कानपुर और आसपास के क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

मैदान पर अचानक मची अफरा-तफरी, सफेद लिबास बना काल
बुधवार को सप्रू स्टेडियम में YMCC और पैरामाउंट क्लब के बीच अंडर-13 लीग का मुकाबला अपने सामान्य प्रवाह में था। नन्हे खिलाड़ी खेल का आनंद ले रहे थे कि तभी अचानक आसमान से मधुमक्खियों के झुंड ने मैदान पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंपायर माणिक गुप्ता और उनके साथी जगदीश शर्मा ने सफेद कपड़े पहने थे। माना जा रहा है कि सफेद रंग के कारण मधुमक्खियों ने उन्हें सबसे ज्यादा निशाना बनाया। मधुमक्खियों ने माणिक गुप्ता को करीब 10 मिनट तक बुरी तरह घेरे रखा। इस दौरान मैदान पर मौजूद 15-20 नन्हे खिलाड़ी भी हमले की चपेट में आए। जान बचाने के लिए बच्चे जमीन पर लेट गए और इधर-उधर भागने लगे।
सैकड़ों डंक और कार्डियोलॉजी में तोड़ दिया दम
सैकड़ों मधुमक्खियों के डंक झेलने के बाद माणिक गुप्ता मैदान पर ही अचेत हो गए। उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के एलपीएस कार्डियोलॉजी संस्थान रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्रिकेट जगत के लिए अपूरणीय क्षति
माणिक गुप्ता पिछले 30 वर्षों से कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के साथ एक समर्पित अंपायर के रूप में जुड़े हुए थे। उन्होंने हजारों स्थानीय और जूनियर मैचों में अंपायरिंग की थी और वह युवा क्रिकेटरों के बीच काफी लोकप्रिय थे।
उनके साथी अंपायर जगदीश शर्मा भी इस हमले में घायल हुए हैं, हालांकि उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। मैदान पर मौजूद घायल बच्चों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया गया है। इस घटना ने अब खेल के मैदानों पर आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और स्टेडियमों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खबर AI इनपुट के साथ












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