क्या वैभव सूर्यवंशी खाते हैं नॉनवेज? नई जानकारी ने फैंस को किया हैरान, पहली बार हुआ बड़ा खुलासा
Vaibhav Suryavanshi: अगर सपने बड़े हों, तो कुर्बानियां तो देनी ही पड़ती हैं। लेकिन 14-15 साल की उम्र में अपनी सबसे पसंदीदा खाने की चीज को छोड़ देना? यह सुनने में थोड़ा हैरान जरूर करता है, पर बिहार के उभरते हुए क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने यही कर दिखाया है।
जिस उम्र में बच्चे बर्गर, पिज्जा या अपनी पसंद के नॉन-वेज खाने के लिए जिद करते हैं, उस उम्र में वैभव ने टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने के लिए 'मटन और चिकन' से पूरी तरह तौबा कर ली है। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर ऐसा है, तो वैभव खाते क्या हैं।

वैभव ने छोड़ दिया नॉन-वेज
वैभव का सपना कोई छोटा-मोटा नहीं है। उनका लक्ष्य है 2028 का टी20 वर्ल्ड कप खेलना और सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की करना। टीवी9 के अनुसार वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि उनके बेटे को नॉन-वेज खाने का बहुत शौक था। लेकिन जब बात फिटनेस और खेल की आई, तो वैभव ने खुद ही तय किया कि वह अब शाकाहारी बनेंगे।
दरअसल, वैभव का मानना है कि शाकाहारी खाना उनके शरीर को ज्यादा एक्टिव रखता है और खेल के बाद रिकवरी में मदद करता है। आज के समय में जब टीम इंडिया में फिटनेस का लेवल इतना ऊंचा है, वैभव कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते।
अब क्या खाते हैं वैभव सूर्यवंशी
मटन की जगह अब वैभव की थाली में बिल्कुल सादा और घर जैसा खाना होता है। उनके पिता बताते हैं कि वह अब दाल-चावल (दाल-भात) और पनीर जैसी चीजों पर ही ध्यान दे रहे हैं। फिलहाल वह राजस्थान रॉयल्स के कैंप में पसीना बहा रहे हैं और वहां भी उन्होंने इसी सादे डाइट को अपना रखा है। उनका पूरा फोकस अब सिर्फ और सिर्फ अपनी बैटिंग और फिटनेस को अगले लेवल पर ले जाने पर है।
कब मिल सकती है टीम इंडिया में एंट्री
वैभव जल्द ही 15 साल के हो जाएंगे, जो इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए जरूरी उम्र है। उनके कोच मनीष ओझा को लगता है कि अगर वैभव आईपीएल 2026 में चमकते हैं, तो उन्हें टीम इंडिया में एंट्री मिलने में ज्यादा देर नहीं लगेगी।












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