'पैसे को सिर पर मत चढ़ने देना', Vaibhav sooryavanshi को आखिर दिग्गज ने क्यों दी ऐसी सलाह?
Vaibhav sooryavanshi: आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने का काम किया। जिस उम्र में ज्यादातर खिलाड़ी अपने करियर की शुरुआत करने का सपना देखते हैं, उस उम्र में वैभव ने दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ रिकॉर्डों की झड़ी लगा दी। वैभव ने आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 776 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.3 का रहा और उन्होंने 72 छक्के जड़े।
ललित मोदी ने दिया बड़ा बयान (Vaibhav sooryavanshi)
इसी बीच एक इंटरव्यू में आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने सोशल मीडिया पर फैंस का ध्यान खींच लिया। बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूर्व IPL चेयरमैन ललित मोदी ने बड़ी भविष्यवाणी की है। मोदी का मानना है कि वैभव आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े खेल सितारों में शामिल हो सकते हैं और लोकप्रियता के मामले में हॉलीवुड व बॉलीवुड के कई बड़े सितारों को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

मोदी ने की वैभव की जमकर तारीफ
एक इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने वैभव की प्रतिभा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज में भविष्य में टी-20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक लगाने की क्षमता है। इसके साथ ही मोदी ने उन्हें सलाह देते हुए कहा कि सफलता और पैसा कभी उनके सिर पर नहीं चढ़ना चाहिए, क्योंकि सही सोच और मेहनत के साथ वह क्रिकेट जगत के सबसे बड़े सुपरस्टार बन सकते हैं।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट को बताया भविष्य
ललित मोदी ने युवा खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बजाय फ्रेंचाइजी लीगों को प्राथमिकता देने के बढ़ते चलन का भी समर्थन किया। उनका मानना है कि आने वाले समय में क्रिकेट की दुनिया इसी दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जैसे बास्केटबॉल खिलाड़ी NBA में खेलने का सपना देखते हैं और फुटबॉल खिलाड़ी प्रीमियर लीग क्लबों के लिए खेलना चाहते हैं, उसी तरह क्रिकेट में भी फ्रेंचाइजी क्रिकेट का महत्व लगातार बढ़ेगा।
संजय मांजरेकर ने दी सावधानी बरतने की सलाह
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने वैभव सूर्यवंशी के करियर लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। मांजरेकर का मानना है कि युवा बल्लेबाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्दबाजी में चुनौतीपूर्ण विदेशी परिस्थितियों में नहीं उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय टीम वैभव को मौका देती है, तो शुरुआत में उन्हें उन परिस्थितियों में खिलाया जाना चाहिए जो IPL जैसी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल हों।
मांजरेकर के मुताबिक न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी तेज और उछालभरी पिचों पर तुरंत मौका देना सही रणनीति नहीं होगी। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ी को धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाना चाहिए।















Click it and Unblock the Notifications