T-20 World Cup: लो जी ! अब टीम इंडिया की बैटिंग का फालूदा निकला
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर: लो जी ! अब टीम इंडिया की बैटिंग का फालूदा निकल गया। ऑस्ट्रेलिया की स्टेट टीम ने भारतीय टीम को शर्मनाक तरीके से हरा दिया। जिस बैटिंग पर भारतीय टीम को गुमान था वह पर्थ की तेज पिच पर धाराशायी हो गयी। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजों की कलई खुल गयी। उन्होंने फास्ट और बाउंसी पिच पर एक तरह से सरेंडर कर दिया।169 का आसान लक्ष्य भी पहाड़ बन गया। तू चल, मैं आया की तर्ज पर बैटिंग हुई। ऋषभ पंत 9, हुड्डा 6, हार्दिक 17, अक्षर 2, कार्तिक 10, हर्षल 2 रन बना कर चलते बने। 20 ओवर में भारत 8 विकेट पर केवल 132 रन बना सका और 36 रन से मैच हार गया। ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक लांस मौरिस और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जेसन बेहरनडॉर्फ ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

पंत का क्या होगा ?
ऋषभ पंत ने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैच खेले और दोनों में असफल रहे। गुरुवार को पंत बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जेसन बेहरनडर्फ के खिलाफ संघर्ष करते नजर आये। वे लेफ्टआर्म फास्ट बॉलर की गेंद पर बार-बार बीट हुए। कई प्रयास के बाद जब उन्होंने जेसन की गेंद को हिट किया तो बाउंड्री के पास कैच आउट हो गये। उन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में मौका दिया गया था। लेकिन वे बिल्कुल असहज दिखे। तेज और उछाल वाली पिच पर भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी एक बार फिर उजागर हो गयी। जेसन बेहरनडर्फ ऑस्ट्रेलिया के लिए 12 वनडे और 9 टी-20 मैच खेल चुके हैं। उन्होंने चार ओवर में एक मेडन फेंका। 29 रन देकर एक विकेट लिया। टी-20 में अगर कोई गेंदबाज मेडन ओवर डालता है तो उसकी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारत की तरफ से केवल केएल राहुल ने ही प्रभावित किया। उन्होंने कप्तानी पारी खेली। 55 गेंदों पर 74 रन बनाये जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे।

पर्थ की पिच पर 145 प्लस की रफ्तार बेहद मुश्किल
वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज लांस मौरिस, ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज गेंदबाजों में एक हैं। उनकी उम्र अभी 24 साल है और वे राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए दस्तक दे रहे हैं। उनकी रफ्तार 145-150 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच है। दस- बारह दिन पहले ही उन्होंने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलते हुए न्यू साउथ वेल्स के खिलाफ इसी पिच पर 82 रन दे कर 9 विकेट चटकाये थे। पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में चार विकेट लिये थे। उनकी गेंदों को खेलना आसान नहीं है। पर्थ की फास्ट पिच पर मौरिस और भी खतरनाक हो जाते हैं। वे पहले अभ्यास मैच में नहीं खेले थे। लेकिन दूसरे में उन्होंने अपनी गति से भारतीय बल्लेबाजों को बेदम कर दिया। ने सातवें ओवर में बॉलिंग के लिए आये। उन्होंने अपनी तेज गेंदों से भारतीय बल्लेबाजों को विचलित कर दिया। दीपक हुड्डा वन डाउन खेलने आये थे। लेकिन मौरिस ने केवल 6 रन पर उन्हें अपना शिकार बना लिया। अक्षर पटेल को प्रमोट कर दिनेश कार्तिक से पहले भेजा गया था। लेकिन भारत का यह दांव भी फेल हो गया। मौरिस ने अक्षर को केवल 2 रन पर पवेलियन भेज दिया। मौरिस को खेलना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने एक ओवर मेडन भी डाला। कुल चार ओवर में 23 रन दे कर दो विकेट लिये।

पंत, हुड्डा, कार्तिक, अक्षर का नहीं चलना चिंता की बात
भारत की पिच पर बैटिंग जितनी आसान है ऑस्ट्रेलिया की पिच पर उतनी ही मुश्किल। ये सही है कि इस मैच में रोहित, विराट और सूर्या नहीं खेल रहे थे। लेकिन पंत, हुड्डा, कार्तिक और अक्षर का नहीं चलना चिंता की बात है। सिर्फ हार्दिक पांड्या ने तेज गेंदों पर बड़े शॉट्स खेलने का साहस दिखाया। उन्होंने रन तो बनाये केवल 17 लेकिन इसमें दो छक्के भी मारे। लेकिन उन्हें हालात के हिसाब से पिच पर टिकना भी होगा। मिडिल ऑर्डर की जिम्मेदारी इनके कंधों पर ही है। अगर पाकिस्तान के खिलाफ मैच में हारिस रऊफ सातवें ओवर में बॉलिंग के लिए आए तो क्या होगा ? वे लगातार 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद फेंकते हैं। पहले पावर प्ले के बाद फील्डिंग रिसट्रिक्शन भी खत्म हो जाती है।तब कैसे रन बनेंगे ? अगर भारतीय बल्लेबाज पर्थ में मौरिस की गेंद खेलने में डर गये तो वे मेलबर्न में रऊफ की गेंद कैसे खेलेंगे ? पाकिस्तान के नसीम शाह, शाहनवाज दहानी की रफ्तार भी 145 km/h प्लस की है। ऐसे में भारतीय मध्यक्रम का क्या होगा ? कप्तान रोहित शर्मा और हेड कोच राहुल द्रविड़ के सामने ये सबसे बड़ा सवाल है।












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