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T-20 World Cup : कोई कुछ भी कहे, कप्तान-कोच का हर्षल पर पूरा भरोसा, ‘ड्रॉप बॉल’ का अजूबा जो है

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कोई कुछ भी कहे, लेकिन टीम इंडिया के कप्तान और कोच को हर्षल पटेल पर पूरा भरोसा है। उनके पिछले कुछ मैच अच्छे नहीं रहे। फिर भी टीम प्रबंधन उनका भरपूर समर्थन कर रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह है उनकी विशिष्ट क्षमता। वे ऐसे गेंदबाज हैं जो 'ड्रॉप बॉल’ फेंकने की योग्यता रखते हैं। 'ड्रॉप बॉल’ हर्षल की खास गेंद है। उन्होंने इसे सीखने के लिए नेट पर भरपूर पसीना बहाया है। टी-20 विश्वकप में यह खास गेंद उनका प्रमुख हथियार होगी। कप्तान रोहित शर्मा का कहना है, हर्षल पटेल हमारे लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं, इस बात में किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। दो महीने क्रिकेट से दूर रहने के बाद किसी के लिए वापसी करना आसान नहीं होता। कुछ मैच के नतीजों से उनकी क्षमता का आंकलन नहीं किया जा सकता। हम उनकी विशिष्टता जानते हैं। उन्हें लय में लाने के लिए हम और मौके देंगे। यकीन है वे अच्छा करेंगे।

मेहनत और अनुसंधान हर्षल की ताकत

मेहनत और अनुसंधान हर्षल की ताकत

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में हर्षल की बॉलिंग अच्छी नहीं रही। डेथ ओवर्स में उनकी गेंदों पर खूब रन बरसे। तीन मैचों में उन्होंने कुल 9 ओवर में 99 रन दिये थे। इसके बाद भी हर्षल का आत्मविश्वास कम नहीं हुआ है। उनका कहना है, टी-20 में गेंदबाजों को मार पड़ती ही है। यह केवल मेरी बात नहीं। दुनिया के प्रमुख गेंदबाजों की पिटाई हो रही है। लेकिन इन गततियों से सीख भी मिलती है। चीजों को सुधार कर आगे बढ़ना ही खेल है। हर्षल को अपनी क्षमता पर यकीन है। निराश होना उन्होंने कभी सीखा नहीं। उन्होंने 2011 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना शुरू किया था। लेकिन 10 साल बाद 2021 में उनका भारतीय टीम में चयन हुआ। वे लगातार मेहनत करते रहे। तेज गेंदबाजों की नयी जमात के बीच उन्होंने अपने लिये जगह बनायी। वे अपनी गेंदबाजी में नयी चीजें जोड़ते गये। मेहनत और अनुसंधान की उनकी कामयाबी का राज है।

क्या है ड्रॉप बॉल ?

क्या है ड्रॉप बॉल ?

ड्रॉप बॉल, लोअर फुलटॉस या स्लोअर योर्कर की तरह जाती है लेकिन बल्लेबाज के पास यह अचानक पिच पर गिर जाती है। गिरने के बाद यह स्कीड हो कर या तो बल्लेबाज के पैड पर लगती है या फिर स्टंप को ले उड़ती है। बल्लेबाज यह समझता है कि गेंद लोअर फुलटॉस आ रही है। वह जैसे ही बड़े शॉट के लिए बल्ला घुमाता है, गेंद अचानक नीचे गिर पड़ती है। इस धोखे में वह अक्सर विकेट गंवा बैठता है। कई साल की मेहनत के बाद हर्षल ने गेंदबाजी की यह कला सीखी है। आइपीएल में उनकी कामयाबी का यही राज है। लेकिन ड्रॉप बॉल डालना आसान नहीं। इसमें जोखिम भी है। अगर चूक हुई तो गेंद लोअर फुलटॉस हो जाती है जिस पर आसानी से छह या चार बन जाते हैं। ड्रॉप बॉल में एकुरेसी सबसे अहम है। ऐसी सटीक गेंद फेंकने के लिए उन्होंने बहुत अभ्यास किया है। उनका कहना है, मैं ऑस्ट्रेलिया में पिच और परिस्थितियों से तालमेल बैठा कर ड्रॉप बॉल डालूंगा।

ड्रॉप बॉल में एकुरेसी सबसे अहम

ड्रॉप बॉल में एकुरेसी सबसे अहम

जब चोट के बाद हर्षल दोबारा खेलने आये तो उनकी ड्रॉप बॉल की एकुरेसी प्रभावित हो गयी थी। डेथ ओवर में उनकी गेंद लोअर फुलटॉस हो जा रही थी जिसकी वजह से भरपूर रन बन रहे थे। लेकिन अब उन्होंने अपनी ड्रॉप गेंद पर काफी मेहनत की है। हर्षल कैसे ड्रॉप बॉल डालते हैं ? गेंद की सीम को उंगलियों के नाखून के पास से पकड़ते हैं (जैसे कि नकल गेंद में पकड़ी जाती है) फिर बांह की गति को कम किये बिना उसे डिलिवर करते हैं। इस प्रक्रिया में गेंद पर गति स्थानांतरित नहीं की जाती। बांह घुमाने की गति वहीं रहती है जैसे कि सामान्य तेज गेंद फेकने के वक्त होती है। गेंद को उंगलियों के नाखून के पास से जितना संभव होता है ढीला पकड़ा जाता है और बांह को उतनी तेजी से घुमाया जाता है जितनी कि अधितम घुमा सकते हैं। वे गेंद के बगल से नहीं बल्कि गेंद के ऊपर से उंगलियों को फेरते हैं। जिससे गेंद हवा में तैरते हुए अचानक नीचे गिरती है। स्लोअर गेंद की तुलना में इस गेंद को फेंकने में अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।

"यकीन के साथ 19वां ओवर भी करूंगा"

यह सतत अभ्यास की बात है। अभ्यास में कमी हुई तो पिटाई तय है। नाकामियों से हर्षल को काफी कुछ सोचने-समझने का मौका मिला है। वे विश्वकप के लिए तोरताजा हो कर ऑस्ट्रेलिया आये हैं। 19वें ओवर का हौव्वा उन पर पर हावी नहीं। उनका कहना है, जो जिम्मेदारी मिलेगी उसे पूरा करूंगा। पूरे यकीन के साथ 19वां ओवर भी करूंगा। जब तक पाकिस्तान के साथ मैच होगा हम 17-18 दिन ऑस्ट्रेलिया में गुजार चुके होंगे। मैं भी अपनी योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए उत्सुक हूं। हालांकि हर्षल वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के साथ पहले प्रैक्टिस मैच में खर्चीले साबित हुए थे। उन्होंने चार ओवर में 49 रन दिये थे। लेकिन दूसरे प्रैक्टिस मैच में उन्होंने शानदार वापसी की। चार ओवर में सिर्फ 27 रन दिये और 2 विकेट भी लिये। हालांकि भारत खराब बललेबाजी के कारण वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा प्रैक्टिस मैच हार गया। अब हर्षल का कहना है कि वे विश्व कप के पहले मैदान की लंबाई और पिच के हिसाब से खुद को तैयार कर लेंगे।

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English summary
T20 World Cup 2022 : Harshal Patel is very valuable to coach and captain, his drop ball can do magic
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