T-20 World Cup: 2022 हार्दिक का साल, विश्व कप भी दिलाएंगे !
दुनिया के महानतम ऑलराउंडर्स में से एक जैक कैलिस की राय है कि हार्दिक पांड्या टी-20 विश्व कप में भारत के लिए निर्णायक साबित होंगे। 20 ओवर के गेम में उनकी पोजिशन बहुत अहम है। वे किसी भी परिस्थितियों में बड़े शॉट्स खेलने की योग्यता रखते हैं। इस बार वे भारत के लिए खास भूमिका निभाएंगे। जैक कैलिस जैसे अनुभवी खिलाड़ी की यह राय बहुत मायने रखती है। 2022 हार्दिक का साल है। चोट के बाद जब इस साल उन्होंने क्रिकेट में वापसी को तो अपने हरफनमौला खेल से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने लाजवाब खेल से उन्होंने गुजरात टाइटंस को पहले की साल आइपीएल का चैम्पियन बना दिया। आइपीएल में उन्हेंने 15 खेले जिसमें 487 रन बनाये। 8 विकेट भी लिये। इस साल उन्होंने अभी तक 19 टी-20 मैचों में 436 रन बनाये हैं और 12 विकेट लिये हैं। 2022 में अभी तक हार्दिक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के स्थान पर काबिज हैं। हार्दिक के बाद इंग्लैंड के मोइन अली हैं जिन्होंने इस साल 16 टी-20 मैचों में 414 रन बनाये हैं और 12 विकेट लिये हैं। हार्दिक अभी औसतन 151 के स्ट्राइक रेट से खेल रहे हैं। जाहिर है नम्बर पांच पर जब भारत के पास इतना विस्फोटक बल्लेबाज है तो उसकी जीत की संभावना बढ़ जाती है। वैसे भी लिमिटेड ओवर क्रिकेट में जिस टीम के पास जितने ज्यादा ऑलराउंरडर होंगे उसकी जीत की संभावना उतनी अधिक होगी।

तेज पिच पर भी हार्दिक की बैटिंग बेहतर
ऑस्ट्रेलिया की पिच पर उछाल और गति के साथ सामंजस्य बैठाना एक बड़ी चुनौती होगी। हार्दिक शॉर्टपिच गेंदों से बिल्कुल नहीं डरते। चोट के बाद जब वे ब्रेक पर थे तब उन्होंने शर्टपिच और बाउंसर गेंदों पर जम कर अभ्यास किया था। उनकी टाइमिंग और भी जबर्दस्त हो गयी है। इस साल जुलाई में जब उन्होंने इंग्लैंड का दौरा किया था तब वहां की बाउंसी पिच पर कमाल की बैटिंग की थी। उन्होंने 33 गेंदों पर 51 रन बनाये थे। इतना ही नहीं उनकी बॉलिंग भी शानदार रही थी। उन्होंने चार ओवरों में चार विकेट भी लिये थे। वे भारत के पहले खिलाड़ी हैं जिसने टी-20 इंटरनेशनल के एक मैच में अर्धशतक और चार विकेट लिये हैं। बाउंस और स्पीड वाली पिच पर हार्दिक 2017 में भी अपनी तेज पारी का नमूना पेश कर चुके हैं। चैम्पियंस ट्राफी के फाइनल में भारत पाकिस्तान से हार गया था लेकिन हार्दिक ने इस मैच में चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी थी। उन्होंने 43 गेंदों पर 76 रनों की विध्वंसक पारी खेली थी। इसमें 6 छक्के और 4 चौके शामिल थे। शादाब खान के एक ओवर में लगातार तीन छक्के मारे थे।

विध्वंसक बल्लेबाजी
हाल के समय में हार्दिक और भी बड़े हिटर के रूप में उभरे हैं। उनकी सबसे बड़ी खूबी ये है कि वे कठिन से कठिन स्थिति में भी खुद को सहज रखते हैं। दबाव सोखने की इस कला ने हार्दिक को और भी खतरनाक बल्लेबाज बना दिया है। रोबिन उथप्पा ने बैटिंग के मामले में हार्दिक की तुलना महेन्द्र सिंह धोनी से की है। जैसे धोनी शांति के साथ बड़े शॉट्स खेलते हुए मैच को फिनिश करते थे, हार्दिक भी वैसा ही कर रहे हैं। आइपीएल से शुरू हुआ इनका ये सफर अभी तक जारी है। वैसे तो इस विश्वकप में दिनेश कार्तिक को फिनिशर की भूमिका दी गयी है लेकिन हार्दिक भी मैच पलटने की काबिलियत रखते हैं। माना जाता है कि हार्दिक पांड्या नैसर्गिक हार्ड हिटर हैं। ऐसी जन्मजात प्रतिभा विरले खिलाड़ियों में होती है। वे क्रीज की गहराई का इस्तेमाल करते हैं। गेंद को अपने पास आने देते हैं। फिर किसी लेंथ की गेंद को छह रन के लिए सीमा रेखा से बाहर भेज देते हैं। उनका फुटवर्क उतना अच्छा नहीं है लेकिन टाइमिंग इतनी जबर्दस्त है कि वे बड़े प्रहार लगाने में सफल हो जाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में अभी हार्दिक का अभ्यास कैसा है ?
वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के साथ पहेल प्रैक्टिस मैच में हार्दिक ने 27 रन बनाये थे। उन्होंने 20 गेंदें खेली थीं जिसमें एक चौका और एक छक्का लगाया था। उन्हें अनकैप्ड तेज गेंदबाज मैथ्यू केली ने पगबाधा आउट किया था। केली ने हालांकि अभी तक ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। लेकिन वे प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज माने जाते हैं। 2019 में कोलकाता नाइटराइडर्स ने केली को अपनी टीम के साथ जोड़ा था। इस प्रैक्टिस मैच में डेथ ओवर स्पेशलिस्ट एंड्रू टाई भी खेल रहे थे। 2018 के आइपीएल में उन्होंने पंजाब की तरफ से खेलते हुए शानदार तेज गेंदबाजी की थी। खास कर अंतिम ओवरों में। इस मैच में केली और टाई की गेंदों को उछाल और गति मिल रही थी। इनका सामना करते हुए हार्दिक ने 27 रन बनाये थे। अभ्यास के लिहाज से यह प्रदर्शन संतोषजनक माना जाएगा। सूर्या के बाद वे टीम के दूसरे सफल बल्लेबाज थे।












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