भले ही दुनिया में नहीं रहे शेन वाॅर्न, लेकिन उनके ये रिकाॅर्ड टूटना हैं मुश्किल
नई दिल्ली। क्रिकेट जगत को उस समय बड़ा झटका लगा जब दुनिया के महान स्पिनर शेन वाॅर्न की अचानक निधन होने की खबर मिली। शुक्रवार को वाॅर्न की हार्ट अटैक से जान गई। वह अभी 52 साल के थे और इतनी जल्दी उनका चला जाना क्रिकेट जगत के लिए बड़ी हानि है। 1993 में बॉल ऑफ द सेंचुरी फेंकने वाले वॉर्न इस दुनिया में तो नहीं रहे, लेकिन उनके नाम ऐसे रिकाॅर्ड दर्ज हैं जिनका टूटना भी मुश्किल होगा।
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बिना शतक के सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड दर्ज
वार्न ने 1992 में टेस्ट डेब्यू किया था। तब वह भारत के खिलाफ मैदान पर उतरे थे, जिसमें वह 150 रन देकर सिर्फ एक ही विकेट ले सके थे। लेकिन जैसे-जैसे उन्हें टीम में माैके मिलते गए, उन्होंने अपनी जगह पक्की करने की दावेदारी रख दी। उनकी फिरकी के आगे बल्लेबाज ढेर होने लगे। कब काैन सी गेंद टप्पा खाकर विकटों के बीच लग जाए, बल्लेबाज को अंदाजा नहीं रहता था। वॉर्न 2006 में टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले 700 विकेट लेने वाले दुनिया के इकलाैते गेंदबाज बने थे। साथ ही उनके नाम बिना शतक के सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वॉर्न ने अपने टेस्ट करियर में 145 मैच खेलते हुए 3154 रन बनाए थे, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 99 रन था।
टेस्ट क्रिकेट में बिना शतक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 खिलाड़ी-
शेन वॉर्न (ऑस्ट्रेलिया) - 3154 रन
चेतन चौहान (भारत) - 2084 रन
निरोशन डिकवेला (श्रीलंका) - 2064 रन
डीएल मुरे (वेस्टइंडीज) - 1993 रन
मैलकम मार्शल (वेस्टइंडीज) - 1810 रन

आइए जानते हैं वॉर्न के रिकॉर्ड के बारे में:
वार्न ने 339 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 1,001 विकेट लिए। इस दाैरान 38 बार पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट और 10 बार मैच में 10 या उससे ज्यादा विकेट चटकाए हैं।
इसके अलावा वॉर्न के नाम बतौर लेग स्पिनर सबसे ज्यादा विकेट हैं। टेस्ट में उन्होंने 708 टेस्ट विकेट लिए हैं। वे टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के बाद दूसरे नंबर पर हैं। मुरलीधरन के नाम 800 विकेट दर्ज हैं।
साथ ही वाॅर्न विश्व क्रिकेट के उन दो खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने 1,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं। दूसरे मुथैया मुरलीधरन हैं।
वॉर्न के अलावा कोई भी अन्य ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज टेस्ट में 700 से अधिक विकेट नहीं ले सका है।
रोचक बात यह है कि शेन वॉर्न इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जीतने वाले पहले कप्तान रहे हैं। उन्होंने 2008 में राजस्थान रॉयल्स को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाया था। तब फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम चेन्नई सुपरकिंग्स को मात दी थी।

ऐसा रहा वाॅर्न का क्रिकेट करियर
वॉर्न ने जनवरी 2007 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया था। सन्यास के बाद वॉर्न ने हैम्पशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते दिखे। फिर साल 2008 में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच और कप्तान की भूमिका निभाई और टीम को चैंपियन बनाया। वॉर्न ने 1992 से 2007 तक खेले 145 टेस्ट मैचों में 25.41 की गेंदबाजी औसत से 708 विकेट लिए थे। इसके अलावा साल 1993 से 2005 तक उन्होंने 194 वनडे मैचों में 293 विकेट लिए थे। 1999 में जब कंगारू टीम ने क्रिकेट विश्व कप जीता था तो उनका अहम योगदान रहा था।












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