संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव के बीच की टक्कर: किसे मिलेगा वनडे क्रिकेट में बड़ा मौका?
एशिया कप से पहले कुछ ही दिन बचे हैं और वनडे वर्ल्ड कप के लिए तो डेढ़ महीने का समय ही बाकी है। ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा का यह कहना कि टीम में किसी की जगह पक्की नहीं है. कई खिलाड़ियों के लिए चेताने वाली बात है।
रोहित गलत नहीं कह रहे हैं। इस समय भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बरकरार रखना पहले से कहीं अधिक मुश्किल काम है। कई खिलाड़ी चोटिल हैं जो वापसी कर सकते हैं।

केएल राहुल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं। अगर दोनों फिट होते हैं तो शायद उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम में डायरेक्ट जगह भी मिल जाए, लेकिन टीम मैनेजमेंट इनके बैकअप को भी तैयार रखना चाहेगा। रोहित शर्मा, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी को छोड़कर शायद ही कोई ऐसा क्रिकेटर है जो भारत की वनडे प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह निश्चित तौर पर पक्की कर सकता है।
मोहम्मद सिराज भी शमी को तगड़ा कंपटीशन दे सकते हैं, अक्षर पटेल के अंदर भी जडेजा को भारतीय परिस्थितियों में रिप्लेस करने की काबिलियत है, लेकिन इससे ज्यादा कोई और खिलाड़ी दमदार दिखाई नहीं देता। अगर श्रेयस अय्यर अपनी जगह पाने में कामयाब रहते हैं तो भी 15 सदस्यीय भारतीय टीम में एक बल्लेबाज की जगह बची रहेगी।
ऐसे में संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव के बीच लड़ाई होगी। सोशल मीडिया पर दोनों के बीच कांटे की टक्कर दिखाई देती है। संजू सैमसंग के फॉलोअर बहुत जबरदस्त है तो सूर्यकुमार यादव का फैनडम भी काम नहीं है। लेकिन संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव के बीच टक्कर में जीत सूर्यकुमार यादव की ही दिखाई दे रही है।
संजू सैमसन ने पिछली 12 वनडे पारियों में 55.71 की औसत, और 104 के स्ट्राइक रेट के साथ 390 रन बनाए हैं, तो कोई भी पूछेगा कि सैमसन ये रेस क्यों नहीं जीतेंगे? तो उसका जवाब यह है की इन 12 पारियों में पांच बार तो सैमसन नॉट आउट रहे हैं और इन पांच बार में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लखनऊ में जो 86 रन की पारी खेली थी, उसी ने वास्तव में मैच पर बड़ा प्रभाव छोड़ा था।
86 रन की पारी के अलावा वेस्टइंडीज के खिलाफ बने एक दो हाफ सेंचुरी को छोड़ दिया जाए तो सैमसन के आंकड़े बहुत प्रभावशाली नहीं है। जबकि सूर्यकुमार यादव के T20 आंकड़े कुछ ऐसे हैं जिन्हें मैच करने के लिए कोई भी दिक्कत महसूस करेगा। जब-जब भारत जीता है तो यादव का एवरेज और स्ट्राइक रेट और भी शानदार हो जाता है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले मैच में हम देख चुके हैं कि स्काई का बल्ला जब चलता है तो भारत साधारण टीम से असाधारण लगने लगता है। इन चीजों को टीम इंडिया वनडे क्रिकेट में भी देख रही है। इसी वजह से स्काई को औसत प्रदर्शन के बावजूद मौके मिलते हैं।
जरूर सूर्यकुमार को सही तरीके से इस्तेमाल करने की है और सूर्य के लिए भी इस फॉर्मेट को ढंग से समझने की है। सूर्य कुमार ने इंग्लैंड न्यूजीलैंड जैसे देशों में जबरदस्त सेंचुरी लगाई है, और पिछले साल विश्व कप की चुनौतीपूर्ण पिच पर बेहतरीन पारियों को अंजाम दिया है।
इसलिए एशिया कप में अगर संजू सैमसन और सूर्यकुमार के बीच किसी को मौका मिलता है तो ज्यादा दिमाग लगाने वाली बात दिखाई नहीं देती है, क्योंकि सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन की सोशल मीडिया पर तमाम फैन फॉलोइंग के बावजूद, असली मंच पर यह जीत हासिल करते हुए दिखाई देते हैं।












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