मैनचेस्टर टेस्ट विवाद पर सचिन तेंदुलकर ने किस टीम को किया सपोर्ट? जडेजा और सुंदर को लेकर भी दिया बयान

एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी (Anderson-Tendulkar Trophy) में इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने 6 रन से जीत दर्ज कर सीरीज 2-2 से बराबर कर ली। इस सीरीज में सिर्फ शानदार क्रिकेट ही नहीं बल्कि कई विवादों और बहसों ने भी जगह ली। सबसे ज्यादा चर्चा में रहा मैनचेस्टर टेस्ट का वो लम्हा जब भारत के रवींद्र जडेजा ने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स द्वारा मैच ड्रॉ करने के ऑफर को ठुकरा दिया।

इस फैसले ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी कि क्या यह खेल भावना के खिलाफ था या भारत का हक?अब इस पूरे मामले पर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

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उन्होंने जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि, 'वॉशिंगटन ने शतक लगाया, जडेजा ने भी। वे ड्रॉ के लिए खेल रहे थे, अपने सौ के लिए नहीं। अगर आउट हो जाते तो हम मैच हार भी सकते थे। जब वे बल्लेबाजी करने आए, तब हैरी ब्रूक गेंदबाजी नहीं कर रहे थे, तो फिर इंग्लैंड को पांचवें टेस्ट से पहले 'फ्री रेस्ट' क्यों दें?'

सचिन ने दो टूक कहा कि सीरीज जिंदा थी, और टीम इंडिया के पास मुकाबला जारी रखने का पूरा हक था। उन्होंने कहा कि, 'अगर इंग्लैंड हैरी ब्रुक से बॉलिंग करवा रहा था, तो वो उनकी रणनीति थी, भारत की जिम्मेदारी नहीं। जब इंग्लैंड ने हम पर अटैक किया, तब जडेजा और सुंदर डटे रहे। आखिरी टेस्ट में सुंदर ने वक्त आने पर गियर बदला और तेजी से रन बनाए - यही तो टीम प्ले है।'

कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना था कि जब लक्ष्य (ड्रॉ) हासिल हो चुका था, तो बल्लेबाजी जारी रखना 'खेल भावना' के विपरीत था। मगर सचिन का रुख साफ था। उन्होंने कहा कि, 'मैं पूरी तरह टीम इंडिया के साथ हूं। चाहे शुभमन, गंभीर, जडेजा या सुंदर - जो भी फैसला था, वो सही था।'

दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट के अंतिम दिन बेन स्टोक्स ने मैच ड्रॉ कराने के लिए जडेजा से हाथ मिलाने को कहा था लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने मना कर दिया। जडेजा ने शतक बनाने के बाद ही ड्रॉ का ऑफर स्वीकार किया। उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर का भी शतक बनावा दिया।

अश्विन ने भी दी थी प्रतिक्रिया
इस मामले में अब अश्विन ने बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बेन स्टोक्स को जमकर लताड़ लगाई है। अपने यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए उन्होंने बेन स्टोक्स के इस ऑफ़र को दोगलापन कहा है। अश्विन के अनुसार एक कप्तान यह फैसला नहीं ले सकता कि कितनी देर बैटिंग करनी है और कब ड्रॉ स्वीकार करना है।

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