ऋषभ पन्त ने सीट बेल्ट नहीं लगाई इसलिए बच गए, जानें कैसे जलती कार से उनको खींचकर निकाला गया

ऋषभ पन्त का एक्सीडेंट शुक्रवार को हो गया था। अब उनकी स्थिति ठीक है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। उनको बचाने वाले बस ड्राइवर ने बड़ा खुलासा किया है।

Rishabh Pant

Rishabh Pant Accident: भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पन्त का बीते शुक्रवार को कार एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद उनको रुड़की के अस्पताल लेकर जाया गया। बाद में पन्त को देहरादून शिफ्ट कर दिया गया। पन्त को हरियाणा रोडवेज के एक ड्राइवर और कंडक्टर ने बचाने का काम किया। दोनों ने मिलकर पन्त को दुर्घटनाग्रस्त कार से बाहर निकाला। उस समय पन्त बेहोश थे। उनको कार से बाहर निकालने वाले बस ड्राइवर ने एक बड़ा खुलासा किया है।

पन्त को जलती कार से बाहर निकालने वाले बस ड्राइवर सुशील कुमार ने नेटवर्क 18 से बात करते हुए कहा कि पन्त दुर्घटना के तुरंत बाद बेहोश थे। हम कार के पास गए तो वह खिड़की की तरफ थे। मैंने और कंडक्टर ने मिलकर उनको खींचकर बाहर निकाला। उनके पीठ पर लगी कुछ चोटें खींचकर बाहर निकालने के कारण आई हैं। अच्छी बात यह रही कि पन्त ने सीट बेल्ट नहीं लगाया था। वरना उनको बचाना मुश्किल था। भगवान कुछ करता है, वह अच्छे के लिए होता है और पन्त ने सीट बेल्ट नहीं लगाया था, यह अच्छी बात थी। एक्सीडेंट के कुछ सेकंड बाद ही गाड़ी के पीछे वाले हिस्से में आग लग गई थी।

बस ड्राइवर ने यह भी बताया कि पन्त को जब बाहर निकाला था तब वह बेहोश थे। इसके बाद उनको साइड में डिवाइडर पर लेटाया गया, तब होश आया और उन्होंने अपना नाम ऋषभ पन्त बताया और कहा कि मैं भारतीय क्रिकेटर हूं। हमने तुरंत एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया और उनको अस्पताल के लिए रवाना कर हम भी अपनी बस लेकर चले गए। उन्होंने यह भी कहा कि पन्त के बिखरे हुए रूपये हमने एकत्रित करके एम्बुलेंस में जाते समय उनको दे दिए।

उल्लेखनीय है कि पन्त की मदद करने वाले हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर और कंडक्टर को पानीपत डिपो ने सम्मानित किया है। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार ने भी उनको सम्मानित करने की बात कही है। दोनों ने मानवता की मदद करने का एक उदाहरण पेश किया। इतने भयंकर एक्सीडेंट में पन्त को बचाने में इन दोनों लोगों का अहम योगदान रहा।

देहरादून में पन्त का चेकअप करने के बाद पता चला है कि उनके पीठ में लगी चोट सामान्य है। ऐसी भी खबरें आई हैं कि पन्त को एयर लिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए दिल्ली लाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पन्त के परिवार से बात की है।

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