'हम पूरा दिन साथ ही थे और उसने अचानक संन्यास ले लिया', जडेजा ने कहा- मैं अश्विन को मिस करुंगा
Ravindra Jadeja on R Ashwin retirement: भारतीय टीम के दिग्गज ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने आर अश्विन के अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने इस फैसले को लेकर कहा कि यह खबर उनके लिए हैरान करने वाली थी, क्योंकि अश्विन ने टीम इंडिया के लिए कई सालों तक शानदार प्रदर्शन किया है जडेजा ने इस फैसले को समझते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत निर्णय था और हर खिलाड़ी के पास अपनी ज़िंदगी और करियर को लेकर अलग-अलग सोच होती है।
जडेजा ने संन्यास पर तोड़ी चुप्पी (Ravindra Jadeja on R Ashwin retirement)
जडेजा ने यह भी बताया कि अश्विन के साथ मिलकर टीम के लिए उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट के लिए विशेष रही है। दोनों ने कई मैचों में मिलकर विपक्षी टीमों को मुश्किल में डाला और भारत को कई अहम जीत दिलाई। जडेजा ने कहा कि वह अश्विन को मिस करेंगे, वह उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं और उनकी तरफ से अब तक किए गए योगदान को सराहते हैं।

रवींद्र जडेजा ने किया बड़ा खुलासा
रवींद्र जडेजा ने मेलबर्न में होने वाले चौथे टेस्ट मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रविचंद्रन अश्विन के संन्यास पर प्रतिक्रिया दी। जडेजा ने बताया कि वह और अश्विन पूरा दिन साथ थे, लेकिन अश्विन ने रिटायरमेंट के बारे में कोई संकेत तक नहीं दिया। जडेजा ने यह भी कहा कि उन्हें अश्विन के संन्यास के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस से सिर्फ पांच मिनट पहले जानकारी मिली। इस खुलासे से यह साफ होता है कि जडेजा को इस फैसले के बारे में अचानक जानकारी मिली, जो उनके लिए भी एक चौंकाने वाली खबर थी।
अश्विन का रिप्लेसमेंट मिलना मुश्किल
जडेजा ने आगे कहा कि अश्विन उनके ऑन-फील्ड मेंटर (गुरु) जैसे हैं, जिनसे वह बहुत कुछ सीखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना कि अश्विन जैसा खिलाड़ी किसी और खिलाड़ी से रिप्लेस नहीं किया जा सकता। हालांकि, भारत में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जो भविष्य में उनकी तरह प्रदर्शन कर सकते हैं।
जडेजा ने खेली थी 77 रनों की पारी
गाबा में तीसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन ड्रॉ होने के बावजूद रवींद्र जडेजा की शानदार बल्लेबाजी ने सबका ध्यान आकर्षित किया। जडेजा ने 77 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जो टीम इंडिया के लिए एक मजबूत योगदान था। हालांकि, गेंदबाजी में उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा, जिससे ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला।












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