Raksha Bandhan 2025: एक ही खून, एक ही जुनून, इन भारतीय खिलाड़ियों की बहन भी हैं क्रिकेटर, देखें लिस्ट
Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व है जो भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और मजबूती को लाने का काम करता है। हर साल यह त्योहार पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है और भाई जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है। इस प्यार भरे रिश्ते की मिसाल सिर्फ आम जिंदगी में ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान पर भी देखने को मिलती है।
क्रिकेट में भाई-बहन की कई जोड़ियां (Raksha Bandhan 2025)
भारतीय क्रिकेट में ऐसी कई जोड़ियां हैं जहां भाई और बहन दोनों ने क्रिकेट में हाथ आजमाया और अपने-अपने स्तर पर नाम कमाया। आइए जानते हैं ऐसी ही तीन खास भारतीय क्रिकेट जोड़ियों के बारे में, जो भाई-बहन के रिश्ते को खेल के ज़रिए और भी खास बनाती हैं। यहां हम कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बात करेंगे जो रिश्ते में तो भाई-बहन हैं लेकिन क्रिकेट के मैदान पर ये सभी अपनी टीम के लिए दम दिखाते नजर आ जाते हैं।

वाशिंगटन सुंदर और शैलजा सुंदर
टीम इंडिया के उभरते ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर सीमित ओवरों के फॉर्मेट में एक अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। हाल ही में उन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा जिम्बाब्वे और श्रीलंका सीरीज में भी उन्होंने अपना दमखम दिखाया था। उनकी बहन शैलजा सुंदर भी क्रिकेटर रही हैं। वह तमिलनाडु की महिला टीम की ओर से घरेलू क्रिकेट खेल चुकी हैं। शैलजा ने 2021 में आखिरी बार मैच खेला था। ये जोड़ी दिखाती है कि किस तरह भाई-बहन एक ही जुनून को जी सकते हैं।
पवन नेगी और बबिता नेगी
भारतीय ऑलराउंडर पवन नेगी की बहन बबिता नेगी भी एक क्रिकेटर रही हैं। बबिता, पवन नेगी से दो साल बड़ी हैं और इंडियन रेलवे में सीनियर क्लर्क के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली की महिला टीम की ओर से घरेलू क्रिकेट खेला है। दिलचस्प बात ये है कि बबिता ने क्रिकेट खेलना अपने छोटे भाई पवन को देखकर शुरू किया था।
स्मृति मंधाना और श्रवण मंधाना
भारतीय महिला टीम की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना आज दुनिया की टॉप महिला खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उनके बड़े भाई श्रवण मंधाना भी क्रिकेटर रह चुके हैं, हालांकि वह सिर्फ महाराष्ट्र की अंडर-19 टीम तक ही खेल सके। स्मृति ने दो साल की उम्र में अपने भाई को देखकर बाएं हाथ से बैट पकड़ना शुरू किया था। श्रवण ही थे जिन्होंने पहली बार स्मृति को नेट्स पर गेंदबाज़ी की थी।












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